सनातन बना जगत की शान भजन लिरिक्स
सनातन बना जगत की शान भजन लिरिक्स
सनातन बना जगत की शान
लगे हर हिंदू बना हनुमान
प्रभु श्री राम के शासन में
मिलेगा अब सबको सम्मान
अवध श्री राम पधारे
घर श्री राम पधारे।
अब देश के चप्पे चप्पे पर
श्री राम का नारा लगता है
जो ना कहता था हमे राम राम
वो भी राम के नाम को भजता है
करे सब श्री राम का ध्यान
राम संग खुश होंगे हनुमान
प्रभु श्री राम के शासन में
मिलेगा अब सबको सम्मान
अवध श्री राम पधारे
घर श्री राम पधारे।
भारत माता को पूजे हम
और संग में ये जयजयकार लगे
खाटू में जय श्री श्याम लगे
अयोध्या में जय श्री राम लगे
सनातन धर्म है सबसे महान
यहां श्री राम से सबकी शान
मिलेगा अब सबको सम्मान
अवध श्री राम पधारे
घर श्री राम पधारे।
कलयुग के युग को त्याग के हम
सतयुग को फिर से लायेंगे
योद्धा में राम विराज गए
अब हिंदू राष्ट्र बनाएंगे
हिंदु सब दे इस बात पे ध्यान
मिले हर धर्म को भी सम्मान
तभी श्री राम के शासन का
करेगा हर कोई गुणगान
अवध श्री राम पधारे
घर श्री राम पधारे।
सनातन बना जगत की शान
लगे हर हिंदू बना हनुमान
प्रभु श्री राम के शासन में
मिलेगा अब सबको सम्मान
अवध श्री राम पधारे
घर श्री राम पधारे।
FAQ
प्रश्न 1: “सनातन बना जगत की शान” भजन का मुख्य भाव क्या है?
उत्तर: इस भजन में सनातन धर्म के प्रति श्रद्धा, भगवान श्रीराम के प्रति भक्ति और रामराज्य में सभी को सम्मान मिलने की भावना व्यक्त की गई है।
प्रश्न 2: भजन में भगवान श्रीराम के शासन को किस रूप में बताया गया है?
उत्तर: भजन में श्रीराम के शासन को ऐसी आदर्श व्यवस्था के रूप में प्रस्तुत किया गया है जहाँ सभी को सम्मान मिले।
प्रश्न 3: भजन में हनुमान जी का क्या उल्लेख है?
उत्तर: भजन में हनुमान जी को श्रीराम के परम भक्त के रूप में स्मरण किया गया है और राम के साथ हनुमान जी की प्रसन्नता का भाव व्यक्त किया गया है।
प्रश्न 4: भजन में अयोध्या और खाटू का क्या उल्लेख है?
उत्तर: भजन में अयोध्या में “जय श्री राम” और खाटू में “जय श्री श्याम” के जयकारों का उल्लेख किया गया है।
प्रश्न 5: भजन में सभी धर्मों के लिए क्या संदेश दिया गया है?
उत्तर: भजन में यह भाव व्यक्त किया गया है कि सभी धर्मों को सम्मान मिलना चाहिए और समाज में आपसी सम्मान एवं सद्भाव बना रहना चाहिए।
व्याख्या
“सनातन बना जगत की शान” भजन में सनातन धर्म के प्रति श्रद्धा और भगवान श्रीराम के प्रति भक्तिभाव को उत्साहपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया गया है। भजन में भगवान श्रीराम के आगमन और उनके आदर्श शासन की कल्पना की गई है।
भजन में कहा गया है कि भगवान श्रीराम के शासन में सभी को सम्मान मिलेगा। श्रीराम के प्रति श्रद्धा और उनके नाम के स्मरण को पूरे देश में भक्ति और आनंद का माध्यम बताया गया है।
भारत माता, भगवान श्रीश्याम और भगवान श्रीराम के जयकारों का उल्लेख करते हुए विभिन्न धार्मिक आस्थाओं के प्रति सम्मान का भाव प्रस्तुत किया गया है। सनातन धर्म की महानता के साथ भगवान श्रीराम को उसकी गौरवपूर्ण पहचान से जोड़ा गया है।
अंतिम अंतरे में रामराज्य जैसे आदर्श समाज की कल्पना और सभी धर्मों के सम्मान की बात कही गई है। भजन का मूल भाव श्रीराम भक्ति, सनातन परंपरा के प्रति श्रद्धा, राष्ट्रप्रेम तथा सभी धर्मों के सम्मान की भावना को व्यक्त करना है।