राम का नाम है एक नगीना भजन लिरिक्स
राम का नाम है एक नगीना भजन लिरिक्स
राम का नाम है एक नगीना,
अवध अंगूठी में जड़ दीना,
मन में बसे सियाराम हमारे,
अमृत रस भर-भर है पीना।
रामायण के किस्से,
सुने थे लोगों से,
रामायण क्या होती,
ये हमने है जाना।
चौपाई छंद सोरठ,
दोहे ऐसे जैसे,
प्रभु की लीला को,
जैसे पहचाना।
दिल में जैसे राम लखन,
दिल हो गया दीवाना,
दिल हो गया दीवाना,
दीवानों ने मन मंदिर में,
राम का नाम लिखा रखा है।
निगाहों में मेरी,
प्रभु सूरत तेरी,
ज़िंदगी ये मेरी,
दीवानी है तेरी।
धड़क के सीने में,
भक्ति यूँ है तेरी,
ज़िंदगी ये मेरी,
दया बस है तेरी।
तेरे सिवा कुछ याद नहीं है,
तू ही तू दिल में,
प्रभु तू ही तू दिल में,
दिल ने राम की पूजा की है,
मन में राम बसा रखा है।
राम का नाम है एक नगीना,
अवध अंगूठी में जड़ दीना,
मन में बसे सियाराम हमारे,
अमृत रस भर-भर है पीना।
1. राम के नाम की तुलना नगीने से क्यों की गई है?
भजन में नगीना एक अनमोल वस्तु का प्रतीक है। इसी भाव से भक्त के लिए श्रीराम का नाम अत्यंत मूल्यवान और हृदय में सँजोकर रखने योग्य बताया गया है।
2. अवध अंगूठी में जड़ दीना पंक्ति क्या दर्शाती है?
इस पंक्ति में अवध और राम नाम को अंगूठी तथा उसमें जड़े नगीने के सुंदर प्रतीक के माध्यम से जोड़ा गया है।
3. इस भजन में रामायण का क्या महत्व बताया गया है?
भजन में रामायण के किस्सों, चौपाई, छंद और दोहों को प्रभु की लीलाओं को जानने और समझने का माध्यम बताया गया है।
4. मन मंदिर का भाव क्या है?
मन मंदिर से आशय भक्त के हृदय से है। जब मन पूरी तरह प्रभु की भक्ति में रम जाता है, तब भक्त अपने हृदय को ही भगवान का मंदिर मानने लगता है।
5. दिल हो गया दीवाना किस भावना को व्यक्त करता है?
यह पंक्ति श्रीराम के प्रति गहरे प्रेम और भक्ति को दर्शाती है, जिसमें भक्त का मन लगातार अपने आराध्य के स्मरण में लगा रहता है।
6. भजन में सियाराम का स्मरण किस रूप में आता है?
मन में बसे सियाराम हमारे के माध्यम से भगवान श्रीराम और माता सीता को भक्त के हृदय में बसे आराध्य के रूप में याद किया गया है।
7. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
भजन का मुख्य भाव राम नाम से प्रेम, रामायण के माध्यम से प्रभु की लीलाओं का स्मरण और अपने मन में श्रीराम को बसाकर भक्ति में जीवन बिताना है।
8. राम नाम को भजन में किस रूप में महत्व दिया गया है?
राम नाम को भक्त के लिए अनमोल बताया गया है। भक्त के लिए प्रभु का नाम जीवन में प्रेम, श्रद्धा और आध्यात्मिक लगाव का आधार बन जाता है।
9. भजन में रामायण की चौपाई, छंद और दोहों का उल्लेख क्यों किया गया है?
इनके माध्यम से भक्त श्रीराम की कथाओं और लीलाओं को सुनने, समझने और उनके प्रति अपनी भक्ति को गहरा करने की भावना व्यक्त करता है।
10. भजन के अंत में भक्त की भावना कैसी हो जाती है?
भजन के अंत तक भक्त का मन पूरी तरह श्रीराम की भक्ति में समर्पित दिखाई देता है। उसकी निगाहों में प्रभु की सूरत और हृदय में उनका नाम बसा हुआ है।
ये गाना भजन या वीडियो गजेंद्र देव आंजना नामक यूट्यूब चेंनल से लिया गया है इस भजन की अन्य जानकारी नहीं मिली है
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