राम से पावन राम से प्यारा कोई नहीं देखा जग सारा - भजन लिरिक्स
भजन का भाव : राम से पावन राम से प्यारा कोई नहीं देखा जग सारा भजन में भाव है की राम से प्यारा और संस्कारी कोई नहीं है न ही उनके जैसे पूरे जगत में है माँ बाप की सेवा करने वाला और न ही उनके जैसे आदर्श वाला कोई है
राम से पावन राम से प्यारा कोई नहीं देखा जग सारा
राम से पावन राम से प्यारा,
कोई नहीं देखा जग सारा।
हर विनती का फल रघुराई,
हर बाधा का हल रघुराई।
मंगल भवन अमंगल हारी,
मंगल भवन अमंगल हारी।
राघव रखना लाज हमारी।
राम सियाराम, सियाराम जय जय राम।
राम सियाराम, सियाराम जय जय राम।
हे तरुवर दो नेह की छाया,
जैसे भरत को हृदय लगाया।
जैसे अहिल्या के दुख काटे,
जैसे विभीषण को अपनाया।
रघुवर तुमने पत्थर तारे,
रघुवर तुमने पत्थर तारे।
हम तो फिर भी दास तुम्हारे।
राम सियाराम, सियाराम जय जय राम।
राम सियाराम, सियाराम जय जय राम।
जब-जब दुविधा से मन हारे,
जब डूबे आशा के तारे।
बनके साहस मन के भीतर,
मिल जाना हे नाथ हमारे।
दीन दयाल बिरद संभारी,
दीन दयाल बिरद संभारी।
हरहु नाथ मम संकट भारी।
राम सियाराम, सियाराम जय जय राम।
राम सियाराम, सियाराम जय जय राम।
राम से पावन राम से प्यारा,
कोई नहीं देखा जग सारा।
हर विनती का फल रघुराई,
हर बाधा का हल रघुराई।
मंगल भवन अमंगल हारी,
मंगल भवन अमंगल हारी।
राघव रखना लाज हमारी।
राम सियाराम, सियाराम जय जय राम।
राम सियाराम, सियाराम जय जय राम।
Top 10 Faqs
1. राम सियाराम भजन के मुख्य भाव क्या हैं
इस भजन में श्रीराम के प्रति प्रेम, श्रद्धा, विश्वास और समर्पण का भाव व्यक्त किया गया है।
2. इस भजन में श्रीराम को किस रूप में वर्णित किया गया है?
श्रीराम को पावन, प्यारा, दीन-दयालु, भक्तों की विनती सुनने वाला और संकटों को दूर करने वाला बताया गया है।
3. मंगल भवन अमंगल हारी का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है कि श्रीराम मंगल के स्वरूप हैं और सभी अमंगल तथा दुखों को दूर करने वाले हैं।
4. भजन में भरत का उल्लेख क्यों किया गया है?
भरत के प्रति श्रीराम के प्रेम और स्नेह को याद करते हुए उनकी करुणा और अपनत्व का वर्णन किया गया है।
5. अहिल्या और विभीषण का उल्लेख क्यों किया गया है?
इन प्रसंगों के माध्यम से श्रीराम की दया और शरण में आने वालों को अपनाने वाले स्वभाव को दर्शाया गया है।
6. रघुवर तुमने पत्थर तारे” पंक्ति का क्या अर्थ है
यह श्रीराम द्वारा अहिल्या के उद्धार से जुड़े प्रसंग की ओर संकेत करती है और उनकी कृपा की महिमा बताती है।
7. इस भजन में श्रीराम से किस प्रकार की प्रार्थना की गई है?
भक्त श्रीराम से अपनी लाज रखने, संकट दूर करने और कठिन समय में साथ देने की प्रार्थना करता है।
8. दीन दयाल बिरद संभारी का अर्थ क्या है?
इसका भाव है कि हे दीनों पर दया करने वाले प्रभु, अपने इसी करुणामय स्वभाव को बनाए रखते हुए भक्त की सहायता करें।
9. संकट के समय श्रीराम से क्या माँगा गया है?
संकट और निराशा के समय मन के भीतर साहस देने और कठिनाइयों को दूर करने की प्रार्थना की गई है।
10. राम सियाराम, सियाराम जय जय राम का क्या महत्व है
यह श्रीराम और माता सीता के नाम का भक्तिपूर्ण स्मरण है, जिसके माध्यम से भक्त श्रद्धा और समर्पण के साथ प्रभु का नाम जपता है।
Audio Credits-
Song: Ram Siya Ram
Music Label: Prarthana-The Sound of Sanatana
Lyrics: Manoj Muntashir
Singer: Rishi Singh & Poulami Das
Music Composer: Kunwar Anshith
Music Production & Arrangement: Parvatish Pradeep & Kallol Ghosh
Mix & Master: Suraj Nag
Flute: Sulieman
Backing Vocals: Kunwar Anshith & Akash Srivastava
Music Supervisor: Shubham Gupta
Video Credits-
Producer: Neelam Muntashir
Executive Producers: Virendraa Kanabar & Dhruval Vaishnav
Direction: Shubham Gupta
Editor: Apurva Harshal Choudhari
DI: Shubham Gupta
Stock: Envato
Stock Videos by: Tapasya Shukla
Accounts: Rohit Singh