राम सृष्टा भी है और सृष्टि भी है - भजन लिरिक्स
भजन का भाव : राम सृष्टा भी है और सृष्टि भी है भजन लिरिक्स में भजन का भाव है की जगत में राम ही सृष्टि है और राम ही सर्जन करता है करता है राम के बिना सृष्टि कुछ भी नहीं है
राम सृष्टा भी है और सृष्टि भी है भजन लिरिक्स
राम सृष्टा भी हैं और सृष्टि भी हैं,
राम दृष्टा भी हैं और दृष्टि भी हैं।
राम एकांत हैं, राम महफ़िल भी हैं,
राम रास्ता भी हैं, राम मंज़िल भी हैं।
राम जीवन भी हैं, राम मुक्ति भी हैं,
राम हैं खोज भी, राम युक्ति भी हैं।
राम मनहर भी हैं और मनस्वी भी हैं,
राम राजा भी हैं और तपस्वी भी हैं।
राम आराध्य हैं, राम आराधना,
राम हैं साध्य भी, राम ही साधना।
राम मानस भी हैं, राम गीता भी हैं,
राम हैं राम भी, राम सीता भी हैं।
राम हैं धारणा, राम ही धर्म भी,
राम कारण भी हैं, राम ही कर्म भी।
राम महलों में, राम जंगल में हैं,
राम हैं शोक में, राम मंगल में हैं।
राम हर युग में हैं, राम हर पल में हैं,
राम हैं आज में, राम ही कल में हैं।
राम गृहस्थ हैं, राम हैं संत भी,
राम आरंभ भी, राम ही अंत भी।
राम सृष्टा भी हैं और सृष्टि भी हैं,
राम दृष्टा भी हैं और दृष्टि भी हैं।
Top 10 Faqs: राम सृष्टा भी हैं और सृष्टि भी हैं
राम सृष्टा भी हैं और सृष्टि भी हैं भजन का मुख्य भाव क्या है?
यह भजन भगवान श्रीराम के विराट रूप को दर्शाता है जिसमे श्री राम सभी लोगो का पालन पोषण करते है इसलिए राम सृष्टा भी हैं और सृष्टि भी हैं
राम सृष्टा भी हैं और सृष्टि भी हैं पंक्ति का क्या अर्थ है?
इसका भाव है कि भगवान राम सृष्टि के रचयिता भी हैं और उनकी उपस्थिति संपूर्ण सृष्टि में व्याप्त मानी गई है। सभी जीवो में प्राण उनसे ही है और ऊर्जा भी
यह किस प्रकार का राम भजन है?
यह भगवान श्रीराम की महिमा, विराट स्वरूप और सर्वव्यापकता का गुणगान करने वाला भक्तिमय राम भजन है।
इस भजन में श्रीराम का कौन-सा स्वरूप प्रमुख है?
इस भजन में श्रीराम के सर्वव्यापी दिव्या रूप प्रमुख है
सृष्टा शब्द का अर्थ क्या है?
सृष्टा का अर्थ है सृजन करने वाला या रचना करने वाला है जिससे पूर्ण शृष्टि की रचना की गयी है
राम सृष्टा भी हैं और सृष्टि भी हैं भजन से क्या संदेश मिलता है?
यह भजन श्रद्धा समर्पण और ईश्वर को संपूर्ण सृष्टि के भाव को दर्शाता है
इस भजन को किन अवसरों पर गाया जा सकता है?
इसे राम भजन संध्या, सत्संग, श्रीराम पूजा, राम नवमी और अन्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक प्रोग्रामो में गया जा सकता है
इस भजन में भक्त श्रीराम को किस रूप में देखता है?
भक्त श्रीराम को केवल आराध्य देव के रूप में नहीं बल्कि मित्र साथी के रूप में देखता है
राम सृष्टा भी हैं और सृष्टि भी हैं भजन सुनने से क्या भाव उत्पन्न होता है?
इस भजन से मन में भक्ति, श्रद्धा, शांति, प्रेम और प्रभु के प्रति समर्पण का भाव जागृत होता है।
क्या यह भजन श्रीराम की महिमा का वर्णन करता है?
हाँ, यह भजन भगवान श्रीराम की महिमा, दिव्य स्वरूप और उनकी व्यापक उपस्थिति का भावपूर्ण गुणगान करता है।
Credit :-
- Album: Raghav Lalan Tere Komal Charan
- Song: Raghav Lalan Tere Komal Charan
- Singer: Mishra Bandhu
- Music: Baljeet Singh Chahal
- Lyrics: Traditional
- Blessed: Pt. Vishnu Dev Mishra Ganga Bhakt
- Label: Ambey
- Parent Label / Publisher: Shubham Audio Video Private Limited
- ये भजन मिश्रा बंधू नमक यूट्यूब नामक चेंनल से लिया गया है