राम लला जब आएँगे खुल जायेंगे सोए भाग मेरे भजन लिरिक्स
राम लला जब आएँगे खुल जायेंगे सोए भाग मेरे भजन लिरिक्स
खुल जायेंगे सोए भाग मेरे
राम लला जब आएँगे
राम लला जब आयेंगे
मेरी बिगड़ी बात बनायेंगे
खुल जायेंगे सोए भाग मेरे
राम लला जब आयेंगे।
फूलों से मैं राह सजाऊं
चुन चुन कलियां हार बनाऊं
पुष्पों की माला पहनाऊंगी
राम लला जब आयेंगे
खुल जायेंगे सोए भाग मेरे
राम लला जब आयेंगे।
चुन चुन मीठे बेर हूं लाई
दर्शन की है आस लगाई
मैं मीठे बेर खिलाऊंगी
राम लला जब आयेंगे
खुल जायेंगे सोए भाग मेरे
राम लला जब आयेंगे।
तक तक राह नैन थके है
दर्शन को अब रुक ना सके है
मैं चरणों से लग जाऊंगी
राम लला जब आयेंगे
खुल जायेंगे सोए भाग मेरे
राम लला जब आयेंगे।
खुल जायेंगे सोए भाग मेरे
राम लला जब आएँगे
राम लला जब आयेंगे
मेरी बिगड़ी बात बनायेंगे
खुल जायेंगे सोए भाग मेरे
राम लला जब आयेंगे।
FAQ
प्रश्न 1: “खुल जायेंगे सोए भाग मेरे” भजन में किसके आगमन की प्रतीक्षा है?
उत्तर: इस भजन में भगवान श्रीराम के बाल रूप, राम लला के आगमन की प्रतीक्षा और उनके दर्शन की अभिलाषा व्यक्त की गई है।
प्रश्न 2: भक्त राम लला के स्वागत के लिए क्या करना चाहता है?
उत्तर: भक्त फूलों से राह सजाने, कलियों से हार बनाने और राम लला को पुष्पों की माला पहनाने की इच्छा रखता है।
प्रश्न 3: भजन में बेर का क्या उल्लेख है?
उत्तर: भक्त राम लला के लिए चुन-चुनकर मीठे बेर लाने और उन्हें प्रेम से खिलाने की इच्छा व्यक्त करता है।
प्रश्न 4: भक्त राम लला से क्या आशा रखता है?
उत्तर: भक्त को विश्वास है कि राम लला के आने से उसके सोए हुए भाग्य खुल जाएंगे और उसकी बिगड़ी हुई बात बन जाएगी।
प्रश्न 5: भजन में भक्त की मुख्य भावना क्या है?
उत्तर: भजन में राम लला के दर्शन की तीव्र इच्छा, उनके स्वागत की तैयारी, प्रेम और अटूट विश्वास की भावना व्यक्त की गई है।
व्याख्या
“खुल जायेंगे सोए भाग मेरे, राम लला जब आएँगे” भजन में भगवान श्रीराम के बाल रूप राम लला के आगमन की प्रतीक्षा और उनके दर्शन की गहरी लालसा व्यक्त की गई है। भक्त को विश्वास है कि राम लला के आने से उसके जीवन के सभी दुख दूर होंगे और उसके भाग्य के बंद द्वार खुल जाएंगे।
भक्त राम लला के स्वागत के लिए फूलों से राह सजाने और सुंदर पुष्पमाला तैयार करने की कल्पना करता है। वह अपने आराध्य के स्वागत में कोई कमी नहीं रखना चाहता।
भजन में शबरी के प्रेमपूर्ण बेरों की याद दिलाने वाला भाव भी दिखाई देता है। भक्त चुन-चुनकर मीठे बेर लाता है ताकि राम लला को अपने प्रेम से खिला सके। यहाँ बेर से अधिक महत्वपूर्ण भक्त का प्रेम और समर्पण है।
भक्त लंबे समय से राम लला के दर्शन की प्रतीक्षा कर रहा है। राह देखते-देखते उसके नैन थक गए हैं, लेकिन दर्शन की इच्छा कम नहीं हुई। वह प्रभु के आने पर उनके चरणों से लग जाने की कामना करता है।
इस भजन का मुख्य भाव राम लला के प्रति प्रेम, दर्शन की लालसा, स्वागत की भावना और प्रभु के आगमन से जीवन में सुख-समृद्धि आने का विश्वास है।