राम का गुणगान करिये भजन लिरिक्स
राम का गुणगान करिये भजन लिरिक्स
राम का गुणगान करिये
राम का गुण गान करिये
राम प्रभु की भद्रता का
सभ्यता का ध्यान धरिये
ध्यान धरिये
राम का गुण गान करिये।
राम के गुण गुणचिरंतन
राम के गुण गुणचिरंतन
राम गुण सुमिरन रतन धन
मनुजता को कर विभूषित
मनुज को धनवान करिये
ध्यान धरिये
राम का गुण गान करिये
राम प्रभु की भद्रता का
सभ्यता का ध्यान धरिये।
सगुण ब्रह्म स्वरुप सुन्दर
सगुण ब्रह्म स्वरुप सुन्दर
सुजन रंजन भूप सुखकर
राम आत्मा राम आत्मा
राम का सम्मान करिये
ध्यान धरिये
राम का गुण गान करिये
राम प्रभु की भद्रता का
सभ्यता का ध्यान धरिये।
राम का गुणगान करिये
राम का गुण गान करिये
राम प्रभु की भद्रता का
सभ्यता का ध्यान धरिये
ध्यान धरिये
राम का गुण गान करिये।
FAQ
प्रश्न 1: “राम का गुणगान करिये” भजन का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: इस भजन का मुख्य संदेश भगवान श्रीराम के गुणों का स्मरण और गुणगान करते हुए उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना है।
प्रश्न 2: भजन में राम के किन गुणों का ध्यान रखने की बात कही गई है?
उत्तर: भजन में भगवान श्रीराम की भद्रता, सभ्यता, श्रेष्ठ आचरण और आदर्श चरित्र का ध्यान रखने की प्रेरणा दी गई है।
प्रश्न 3: राम गुण सुमिरन को किसके समान बताया गया है?
उत्तर: भजन में राम गुण सुमिरन को “रतन धन” अर्थात अनमोल धन के समान बताया गया है।
प्रश्न 4: राम के गुणों का स्मरण मनुष्य को क्या प्रदान करता है?
उत्तर: भजन के अनुसार राम के गुणों का स्मरण मनुष्य के जीवन को संस्कारित और समृद्ध बनाता है तथा उसमें मानवता के गुणों को विकसित करता है।
प्रश्न 5: भगवान श्रीराम को किस रूप में वर्णित किया गया है?
उत्तर: भजन में श्रीराम को सुंदर सगुण ब्रह्म स्वरूप, सुजनों को आनंद देने वाले और सुख प्रदान करने वाले राजा के रूप में वर्णित किया गया है।
व्याख्या
“राम का गुणगान करिये” भजन भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र और उनके श्रेष्ठ गुणों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता है। इसमें केवल राम नाम का स्मरण करने ही नहीं, बल्कि उनके आचरण और सभ्यता से सीख लेने का संदेश दिया गया है।
भजन में राम के गुणों को चिरंतन अर्थात सदैव रहने वाला बताया गया है। राम के गुणों का स्मरण मनुष्य के लिए रत्न के समान अनमोल धन है। यह मनुष्य के जीवन को मानवता और अच्छे संस्कारों से विभूषित करता है।
भगवान श्रीराम को सगुण ब्रह्म के सुंदर स्वरूप के रूप में वर्णित किया गया है। वे सज्जनों को आनंद देने वाले और सुख प्रदान करने वाले हैं। भजन में “राम आत्मा” कहकर उनके आध्यात्मिक स्वरूप की ओर भी संकेत किया गया है।
इस भजन का मुख्य संदेश है कि भगवान श्रीराम के गुणों का स्मरण करने के साथ-साथ उनकी भद्रता, सभ्यता, आदर्श और श्रेष्ठ आचरण को अपने जीवन में धारण करना चाहिए।