राम जी के शरण में चले आइये भजन लिरिक्स
राम जी के शरण में चले आइये भजन लिरिक्स
राम जी के शरण में
चले आइये
वो बनाएंगे बिगड़ी
ना घबराइये
रामजी के शरण में
चले आइये।
जो भी मन से कहें
जय सियाराम की
पाए सुख वो सदा ही
परम धाम की
आँखों में राम सूरत
को भर लाइये
वो बनाएंगे बिगड़ी
ना घबराइये
रामजी के शरण में
चले आइये।
वो ही राजा वही
मुक्ति दाता भी है
सारे भक्तों के
भाग्य विधाता भी है
बोले हनुमान धुन
राम की गाइये
वो बनाएंगे बिगड़ी
ना घबराइये
रामजी के शरण में
चले आइये।
उनकी किरपा से मिलती
है खुशियाँ सभी
कहते शिव राम से बढ़के
कुछ भी नहीं बोले
संयोग रघुबर को
घर लाइये
वो बनाएंगे बिगड़ी
ना घबराइये
रामजी के शरण में
चले आइये।
राम जी के शरण में
चले आइये
वो बनाएंगे बिगड़ी
ना घबराइये
रामजी के शरण में
चले आइये।
FAQ
प्रश्न 1: “राम जी के शरण में चले आइये” भजन का मुख्य भाव क्या है?
उत्तर: इस भजन का मुख्य भाव भगवान श्रीराम की शरण में जाने, उन पर विश्वास रखने और उनकी भक्ति करने का संदेश देना है।
प्रश्न 2: भजन में भगवान श्रीराम से क्या आशा रखने को कहा गया है?
उत्तर: भजन में भक्तों को विश्वास रखने के लिए कहा गया है कि भगवान श्रीराम उनकी बिगड़ी बना सकते हैं, इसलिए घबराना नहीं चाहिए।
प्रश्न 3: “जय सियाराम” कहने का क्या भाव है?
उत्तर: “जय सियाराम” भगवान श्रीराम और माता सीता के प्रति श्रद्धा, भक्ति और समर्पण का भाव व्यक्त करता है।
प्रश्न 4: भजन में हनुमान जी का क्या उल्लेख है?
उत्तर: भजन में हनुमान जी के माध्यम से भगवान श्रीराम के नाम और गुणों का गान करने की प्रेरणा दी गई है।
प्रश्न 5: भगवान श्रीराम को किस रूप में बताया गया है?
उत्तर: भजन में भगवान श्रीराम को राजा, मुक्ति दाता और भक्तों के भाग्य विधाता के रूप में बताया गया है।
व्याख्या
“राम जी के शरण में चले आइये” भजन भक्तों को भगवान श्रीराम की शरण में जाने और उन पर पूर्ण विश्वास रखने की प्रेरणा देता है। इसमें कहा गया है कि जब मनुष्य भगवान की शरण ग्रहण करता है, तो उसे कठिन परिस्थितियों में भी घबराना नहीं चाहिए।
भजन में “जय सियाराम” के नाम का स्मरण करने और भगवान श्रीराम की सुंदर छवि को अपने हृदय में बसाने की बात कही गई है। श्रीराम को भक्तों के भाग्य विधाता और मुक्ति देने वाले प्रभु के रूप में याद किया गया है।
हनुमान जी का उल्लेख करते हुए राम नाम की धुन गाने की प्रेरणा दी गई है। भजन में भगवान श्रीराम के प्रति भगवान शिव की श्रद्धा का भी उल्लेख किया गया है।
इस भजन का मूल संदेश राम नाम पर विश्वास, प्रभु की शरण, भक्ति और कठिन समय में धैर्य बनाए रखना है। भक्त को यह विश्वास रखना चाहिए कि भगवान श्रीराम उसके जीवन की कठिनाइयों में उसका मार्गदर्शन करेंगे।