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हे राम अवध के राजा तुझे कौन सी दुविधा घेरे

हे राम अवध के राजा तुझे कौन सी दुविधा घेरे

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हे राम अवध के राजा तुझे कौन सी दुविधा घेरे

Hey Ram Awadh Ke Raja Tujhe Kaun Si Duvidha Ghere Bhajan Lyrics

हे राम अवध के राजा तुझे कौन सी दुविधा घेरे भजन में भगवान श्रीराम के जीवन की कठिन परिस्थितियों और उनके त्याग को बताया गया है। भजन में उन्हें अवध का राजा और लोगों के कल्याण से जुड़ा हुआ बताया गया है।श्रीराम के जीवन में कई ऐसी परिस्थितियां आईं जहां उन्हें अपने मन की इच्छा से ज्यादा अपने कर्तव्य को महत्व देना पड़ा। उन्होंने अपने वचन और परिवार की परंपरा को निभाने के लिए कई दुखों का सामना किया।भजन में श्रीराम के मन की पीड़ा का भी वर्णन मिलता है। वे अपने दुख को हर किसी के सामने नहीं रख सकते थे। ऐसे समय में वे अपने आराध्य भगवान शिव को याद कर सकते हैं और उनके सामने अपने मन की बात रख सकते हैं।भजन में भगवान शिव का उदाहरण देकर श्रीराम के जीवन की कठिनाइयों को समझाया गया है। जिस तरह शिव जी ने कठिन समय में विष को अपने भीतर धारण किया, उसी तरह श्रीराम ने भी अपने जीवन में कई दुखों को सहन किया और अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटे।यह भजन हमें सिखाता है कि जीवन में कठिन समय आने पर भी धैर्य रखना चाहिए। अपने कर्तव्य को समझकर आगे बढ़ना चाहिए और सही रास्ते पर बने रहना चाहिए।

हे राम अवध के राजा
तुझे कौन सी दुविधा घेरे
जन-जन के भाग्य विधाता
क्या लिखा भाग्य में तेरे।

क्या पूछ रहे हैं तुझसे
इन महलों के सन्नाटे
वो कौन सा दुख तू जिसको
सीता से भी ना बाँटे।

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मर्यादाओं की बेड़ी
वचनों के भीषण ताले
पुरखों के सम्मुख तूने
स्वयमेव स्वयं पर डाले।

रघुकुल के संचित यश का
अब तू ही उत्तरदायी
उस राह तुझे भी चलना
पुरखों ने जो राह बनाई।

जो तुझको समझ न पाए
सचमुच वे लोग अभागे
तू रख दे अपनी पीड़ा
अपने आराध्य के आगे।

शिव जी की तरह तुझको भी
जीवन विष पीना होगा
इन विषम परिस्थितियों से
लड़-लड़ कर जीना होगा।

हे राम अवध के राजा
तुझे कौन सी दुविधा घेरे
जन-जन के भाग्य विधाता
क्या लिखा भाग्य में तेरे।

हे राम अवध के राजा तुझे कौन सी दुविधा घेरे FAQ

प्रश्न 1 हे राम अवध के राजा भजन में किसका वर्णन किया गया है

उत्तर इस भजन में भगवान श्रीराम के जीवन और उनके सामने आई कठिन परिस्थितियों का वर्णन किया गया है। इसमें उनके त्याग, मर्यादा और कर्तव्य के बारे में बताया गया है।

प्रश्न 2 भगवान श्रीराम को जन जन के भाग्य विधाता क्यों कहा गया है

उत्तर भगवान श्रीराम को लोगों के कल्याण और उनके जीवन को सही दिशा देने वाला माना गया है। इसी भावना के कारण उन्हें जन जन के भाग्य विधाता कहा गया है।

प्रश्न 3 राम की दुविधा का मुख्य कारण क्या बताया गया है

उत्तर भजन में श्रीराम की दुविधा का कारण उनके वचन, मर्यादा और रघुकुल की परंपरा को बताया गया है। वे अपने कर्तव्य और व्यक्तिगत भावनाओं के बीच कठिन परिस्थिति में दिखाई देते हैं।

प्रश्न 4 भगवान श्रीराम अपनी पीड़ा किसके सामने रख सकते हैं

उत्तर भजन में कहा गया है कि भगवान श्रीराम अपने मन की पीड़ा अपने आराध्य भगवान शिव के सामने रख सकते हैं। भगवान शिव उनके लिए सहारे के समान हैं।

प्रश्न 5 भजन में भगवान शिव का उदाहरण क्यों दिया गया है

उत्तर भगवान शिव ने भी अपने जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना किया था। भजन में उनके उदाहरण के माध्यम से बताया गया है कि कठिन समय में भी अपने कर्तव्य और मर्यादा के रास्ते पर चलते रहना चाहिए।

ये भजन तिलक नमक यूट्यूब चेंनल से लिया गया है ये ओल्ड रामायण का भजन है

"स्वर- रवींद्र जैन

गीत- रवींद्र जैन

संगीत- रवींद्र जैन"

Dinesh Kumawat

Dinesh Kumawat भक्ति एवं धार्मिक सामग्री के लेखक और कंटेंट क्रिएटर हैं। हिंदी भजन, लिरिक्स, आरती, चालीसा और आध्यात्मिक विषयों पर सरल सामग्री तैयार करते हैं। भक्ति सामग्री को व्यवस्थित एवं भावपूर्ण रूप में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान देते हैं।

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