मेरे राम जी आएंगे करलो स्वागत की तैयारी - भजन लिरिक्स
मेरे राम जी आएंगे करलो स्वागत की तैयारी
mere ram ji aayenge karlo sawagat ki tyari bhajan lyrics
मेरे राम जी आएंगे
कर लो स्वागत की तैयारी
इतने बरस के बाद है आई
राजतिलक की बारी
मेरे राम जी आएंगे
कर लो स्वागत की तैयारी
दुल्हन के जैसी अयोध्या सजेगी
एक बार फिर से दीपावली मनेगी
राम लखन सीता हनुमत की
निकलेगी असवारी
मेरे राम जी आएंगे
कर लो स्वागत की तैयारी
केसरिया दुपट्टा अपने माथे पे बाँध के
करोड़ों भक्त होंगे सरयू के घाट पे
जय श्री राम के जयकारों से
गूँजेगी दुनिया सारी
मेरे राम जी आएंगे
कर लो स्वागत की तैयारी
अयोध्या ना जा सका तो घर को सजाऊँगा
राम नाम का एक दीपक घर में जलाऊँगा
भक्तों के संग अम्बरीश माँगे
रखियो लाज हमारी
मेरे राम जी आएंगे
कर लो स्वागत की तैयारी
मेरे राम जी आएंगे
कर लो स्वागत की तैयारी
इतने बरस के बाद है आई
राजतिलक की बारी
मेरे राम जी आएंगे
कर लो स्वागत की तैयारी
FAQ
प्रश्न 1: “मेरे राम जी आएंगे” भजन का मुख्य भाव क्या है?
उत्तर: इस भजन में भगवान श्रीराम के आगमन की खुशी, स्वागत की तैयारी और भक्तों की श्रद्धा का भाव व्यक्त किया गया है।
प्रश्न 2: भजन में अयोध्या को किस प्रकार सजाने की बात कही गई है?
उत्तर: भजन में अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाने और फिर से दीपावली मनाने की बात कही गई है।
प्रश्न 3: सरयू के घाट पर भक्त क्या करेंगे?
उत्तर: करोड़ों भक्त केसरिया दुपट्टा अपने माथे पर बाँधकर सरयू के घाट पर एकत्र होंगे और “जय श्री राम” के जयकारे लगाएंगे।
प्रश्न 4: अयोध्या न जा पाने वाला भक्त क्या करेगा?
उत्तर: वह अपने घर को सजाकर घर में राम नाम का एक दीपक जलाएगा और भगवान श्रीराम से अपने भक्त की लाज रखने की प्रार्थना करेगा।
प्रश्न 5: भजन में किन प्रमुख पात्रों का उल्लेख है?
उत्तर: भजन में श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान जी का उल्लेख किया गया है।
व्याख्या
“मेरे राम जी आएंगे, कर लो स्वागत की तैयारी” भजन भगवान श्रीराम के आगमन की खुशी और भक्तों की अटूट श्रद्धा को दर्शाता है। इसमें भक्तों से भगवान श्रीराम के स्वागत के लिए तैयार होने का आह्वान किया गया है।
भजन में अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाने और दीपावली जैसी खुशियाँ मनाने की कल्पना की गई है। श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान जी की सवारी निकलने का सुंदर वर्णन भक्तिमय वातावरण को दर्शाता है।
भजन आगे बताता है कि करोड़ों भक्त केसरिया दुपट्टा धारण करके सरयू के घाट पर एकत्र होंगे और “जय श्री राम” के जयकारों से वातावरण गूँज उठेगा। जो भक्त अयोध्या नहीं जा सकता, वह अपने घर को ही सजाकर राम नाम का दीपक जलाकर भगवान की भक्ति करेगा।
इस भजन का संदेश है कि भगवान श्रीराम के प्रति सच्ची श्रद्धा के लिए स्थान से अधिक महत्वपूर्ण भक्त का प्रेम, विश्वास और भक्ति है।