जली है ज्योत जगमग अवध नगर में भजन लिरिक्स
जली है ज्योत जगमग अवध नगर में भजन लिरिक्स
जली है ज्योत जगमग
अवध नगर में
अवध नगर में हाँ
अवध नगर में
जली है जोत जग मग
अवध नगर में
कनक भवन मणि दीप की माला
दीप की माला दीप की माला
आज पधारे है कौशल्या लाला
कौशल्या लाला कौशल्या लाला
पूरे है चौक गजमोती
डगर डगर में
जली है जोत जग मग
अवध नगर में
पथ में सुवासित कुसुम की कलियाँ
कुसुम की कलियाँ कुसुम की कलियाँ
कदली कलश है गलिया गलिया
गलिया गालिया गलिया गलिया
भरे है दृग बिंदु
नजर नजर में
जली है जोत जग मग
अवध नगर में
आज मनावत गौरी दिवाली
गौरी दिवाली गौरी दिवाली
नृत्य करत है दे दे ताली
दे दे ताली दे दे ताली
विभोर मन शिकारी
सिया रघुपुर में
जली है जोत जग मग
अवध नगर में
जली है ज्योत जगमग
अवध नगर में
अवध नगर में हाँ
अवध नगर में
जली है जोत जग मग
अवध नगर में
FAQ
प्रश्न 1: “जली है ज्योत जगमग अवध नगर में” भजन किससे संबंधित है?
उत्तर: यह भजन भगवान श्रीराम के अवध आगमन की खुशी और उनके स्वागत में मनाए जा रहे उत्सव का वर्णन करता है।
प्रश्न 2: भजन में “कौशल्या लाला” किसे कहा गया है?
उत्तर: “कौशल्या लाला” भगवान श्रीराम के लिए कहा गया है, क्योंकि वे माता कौशल्या के पुत्र हैं।
प्रश्न 3: कनक भवन में किसका वर्णन किया गया है?
उत्तर: कनक भवन में मणि और दीपों की माला से सजावट का सुंदर वर्णन किया गया है।
प्रश्न 4: भजन में गलियों की सजावट कैसी बताई गई है?
उत्तर: गलियों में कदली कलश सजाए गए हैं और मार्ग पर सुगंधित पुष्पों की कलियों का सुंदर वर्णन किया गया है।
प्रश्न 5: भजन में दिवाली का क्या भाव है?
उत्तर: भजन में भगवान श्रीराम के आगमन की खुशी को दिवाली के उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
व्याख्या
“जली है ज्योत जगमग अवध नगर में” भजन में भगवान श्रीराम के अवध आगमन की खुशी और पूरे नगर में छाए उत्सव के वातावरण का सुंदर चित्रण किया गया है। भगवान श्रीराम के आने की खुशी में अवध नगरी दीपों से जगमगा उठती है।
कनक भवन को मणि और दीपों की मालाओं से सजाया गया है। माता कौशल्या के पुत्र श्रीराम के आगमन पर चौक-चौराहों और गलियों में उत्सव का वातावरण दिखाई देता है।
भजन में मार्गों पर सुगंधित पुष्पों की कलियों और कदली कलशों से सजावट का वर्णन किया गया है। भक्तों की आँखों में भगवान के दर्शन की खुशी और भावनाएँ दिखाई देती हैं।
अंत में दिवाली मनाने और नृत्य करते हुए खुशी व्यक्त करने का चित्रण है। पूरा अवध नगर भगवान श्रीराम के आगमन से आनंद और भक्ति में विभोर हो जाता है।