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है नीको मेरो देवता कोसलपति राम

है नीको मेरो देवता कोसलपति राम

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है नीको मेरो देवता कोसलपति राम

Hai Neeko Mero Devta Kosalpati Ram Bhajan Lyrics

है नीको मेरो देवता कोसलपति राम जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान श्रीराम का नाम लेता है और उनका स्मरण करता है, उसे मन को शांति मिलती है। भगवान श्रीराम दुखी और परेशान लोगों का सहारा हैं और अपने भक्तों पर हमेशा कृपा करते हैं।भजन में भगवान श्रीराम को सभी बातों को जानने वाला बताया गया है। वे हर प्राणी के मन की बात जानते हैं और सभी के हृदय में रहते हैं।अंत में तुलसीदास जी भगवान श्रीराम की सेवा और भक्ति करने की बात कहते हैं। उनका कहना है कि मनुष्य को सच्चे मन से भगवान श्रीराम का नाम लेना चाहिए और उनकी भक्ति करनी चाहिए।यह भजन भगवान श्रीराम के प्रति प्रेम, विश्वास, भक्ति और समर्पण की भावना को बताता है।

है नीको मेरो देवता
कोशलपति राम
सुभग सरोरुह लोचन
सुठि सुंदर श्याम

सिय समेत सोहत सदा
छबि अमित अनंग
भुज विशाल सर धनु धरे
कटि चारु निषंग

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बलिपूजा चाहत नहीं
चाहत एक प्रीति
सुमिरत ही मानै भलो
पावन सब रीति

देहि सकल सुख दुख दहै
आरत जन बंधु
गुन गहि अघ औगुन हरै
अस करुणा सिंधु

देस काल पुरान सदा
बद वेद पुरान
सबको प्रभु सब में बसै
सबकी गति जान

को करि कोटिक कामना
पूजै बहु देव
तुलसीदास तेहि सेइये
शंकर जेहि सेव

है नीको मेरो देवता
कोशलपति राम
सुभग सरोरुह लोचन
सुठि सुंदर श्याम

है नीको मेरो देवता कोसलपति राम Top 5 Faqs

प्रश्न 1 है नीको मेरो देवता भजन में किसकी स्तुति की गई है

उत्तर इस भजन में भगवान श्रीराम की महिमा और उनके सुंदर स्वरूप का वर्णन किया गया है। इसमें भगवान श्रीराम के प्रति प्रेम और भक्ति की भावना दिखाई गई है।

प्रश्न 2 भगवान श्रीराम को कोशलपति क्यों कहा गया है

उत्तर भगवान श्रीराम को कोशलपति कहा जाता है क्योंकि वे कोशल राज्य के राजा थे। अयोध्या इसी कोशल राज्य की राजधानी थी।

प्रश्न 3 भजन में भगवान श्रीराम के स्वरूप का वर्णन कैसे किया गया है

उत्तर भजन में भगवान श्रीराम को श्याम रंग वाला, सुंदर नेत्रों वाला और हाथ में धनुष बाण धारण किए हुए बताया गया है। उनका स्वरूप बहुत सुंदर और मन को अच्छा लगने वाला बताया गया है।

प्रश्न 4 भगवान श्रीराम को क्या प्रिय है

उत्तर भजन में बताया गया है कि भगवान श्रीराम को दिखावा या धन दौलत से ज्यादा भक्त का सच्चा प्रेम और भक्ति प्रिय है। जो व्यक्ति पूरे मन से भगवान को याद करता है, उसकी भक्ति प्रभु को प्रिय होती है।

प्रश्न 5 तुलसीदास जी किसकी सेवा करने की बात कहते हैं

उत्तर तुलसीदास जी भगवान श्रीराम की सेवा और भक्ति करने की बात कहते हैं। वे बताते हैं कि भगवान श्रीराम की सेवा भगवान शंकर भी करते हैं।

Dinesh Kumawat

Dinesh Kumawat भक्ति एवं धार्मिक सामग्री के लेखक और कंटेंट क्रिएटर हैं। हिंदी भजन, लिरिक्स, आरती, चालीसा और आध्यात्मिक विषयों पर सरल सामग्री तैयार करते हैं। भक्ति सामग्री को व्यवस्थित एवं भावपूर्ण रूप में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान देते हैं।

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