अवध में बाज रही शहनाई
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अवध में बाज रही शहनाई
जगत में बाज रही शहनाई
राम लला निज धाम विराजे
श्री राम की जय बोलो भाई।
लौटे राम लला हितकारी
प्रभु ने सुनली अर्ज हमारी
सजी अयोध्या मंगल गा रही
स्वागत कर रहे सब नर नारी
पाएं दर्शन राम लला के
ऐसी घड़ी शुभ आई
अवध मे बाज रहीं शहनाई
जगत में बाज रही शहनाई।
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अवध में राम ध्वजा लहराए
त्रेता युग की याद दिलाए
भव्य मंदिर इतिहास रचाए
छटा देख जन्नत शरमाए
आए बाला रूप निराला
संग बैठे सुखदाई
अवध मे बाज रहीं शहनाई
जगत में बाज रही शहनाई
स्वर्ग से सुंदर अवध हमारी
यहां जन्मे थे राम मनोहारी
कमल पे सजे लला धनुधारी
‘गौरव’ ने श्री छवि निहारी
सारी दुनिया ‘ओम सैन’ कहे
सदी हिंद की आई
अवध मे बाज रहीं शहनाई
जगत में बाज रही शहनाई।
अवध में बाज रही शहनाई
जगत में बाज रही शहनाई
राम लला निज धाम विराजे
श्री राम की जय बोलो भाई।
प्रश्न 1. अवध में बाज रही शहनाई भजन में किस खुशी का वर्णन है?
उत्तर. इस भजन में अयोध्या में रामलला के विराजमान होने की खुशी और भक्तों के उत्सव का वर्णन है।
प्रश्न 2. अवध किस नगरी को कहा गया है?
उत्तर. अवध से यहां अयोध्या नगरी का आशय है, जिसे भगवान श्रीराम की जन्मभूमि माना जाता है।
प्रश्न 3. भजन में शहनाई बजने का क्या भाव है?
उत्तर. शहनाई बजना शुभ अवसर, मंगल कार्य और खुशियों का प्रतीक है। यह रामलला के स्वागत के आनंद को दर्शाता है।
प्रश्न 4. रामलला किसे कहा जाता है?
उत्तर. रामलला भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप को कहा जाता है।
प्रश्न 5. भजन में राम ध्वजा का क्या महत्व है?
उत्तर. राम ध्वजा भगवान श्रीराम के प्रति आस्था, धर्म और उनके आदर्शों का प्रतीक है।
प्रश्न 6. राम मंदिर भक्तों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर. राम मंदिर अयोध्या में स्थित एक पवित्र धार्मिक स्थल है, जो भगवान श्रीराम की जन्मभूमि और करोड़ों भक्तों की श्रद्धा से जुड़ा है।
प्रश्न 7. भजन में अयोध्या को स्वर्ग से सुंदर क्यों बताया गया है?
उत्तर. भक्तों के लिए अयोध्या भगवान श्रीराम की पवित्र नगरी है। इसी प्रेम और श्रद्धा के कारण इसे स्वर्ग से भी सुंदर बताया गया है।
प्रश्न 8. अवध में बाज रही शहनाई भजन से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर. इस भजन से हमें भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा रखने, उनके आदर्शों को अपनाने और जीवन में प्रेम, सेवा तथा सद्भाव बनाए रखने की सीख मिलती है।
अवध में बाज रही शहनाई भजन भगवान श्रीराम के अयोध्या में विराजमान होने की खुशी और भक्तों के उत्साह को दर्शाता है। इस भजन में अयोध्या नगरी को दुल्हन की तरह सजा हुआ बताया गया है। चारों ओर शहनाई की मधुर धुन सुनाई दे रही है और भक्त श्रीराम के जयकारे लगाकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त कर रहे हैं।भजन में कहा गया है कि रामलला अपने धाम में विराजमान हैं और भक्तों की प्रार्थना पूरी हुई है। अयोध्या में मंगल गीत गाए जा रहे हैं और हर कोई भगवान के दर्शन करने के लिए उत्सुक है। यह प्रसंग भक्तों के मन में श्रद्धा, प्रेम और आनंद का भाव जगाता है।भजन में राम ध्वजा लहराने और भव्य मंदिर की सुंदरता का भी वर्णन किया गया है। राम ध्वजा भगवान श्रीराम के आदर्शों, धर्म और आस्था का प्रतीक है। अयोध्या का राम मंदिर भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह भगवान श्रीराम की जन्मभूमि से जुड़ा पवित्र स्थान है। रामलला के बाल स्वरूप का वर्णन उनके मनमोहक रूप और भक्तों के प्रेम को प्रकट करता है।इस भजन में अयोध्या को स्वर्ग से भी सुंदर बताया गया है। इसका भाव यह है कि भक्तों के लिए भगवान श्रीराम की नगरी सबसे प्रिय और पवित्र स्थान है। भजन का मुख्य संदेश है कि भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा बनाए रखें, उनके आदर्शों पर चलें और जीवन में प्रेम, सेवा तथा सद्भाव को महत्व दें।