अवध में बाज रही शहनाई भजन लिरिक्स
अवध में बाज रही शहनाई
अवध में बाज रही शहनाई
जगत में बाज रही शहनाई
राम लला निज धाम विराजे
श्री राम की जय बोलो भाई।
लौटे राम लला हितकारी
प्रभु ने सुनली अर्ज हमारी
सजी अयोध्या मंगल गा रही
स्वागत कर रहे सब नर नारी
पाएं दर्शन राम लला के
ऐसी घड़ी शुभ आई
अवध मे बाज रहीं शहनाई
जगत में बाज रही शहनाई।
अवध में राम ध्वजा लहराए
त्रेता युग की याद दिलाए
भव्य मंदिर इतिहास रचाए
छटा देख जन्नत शरमाए
आए बाला रूप निराला
संग बैठे सुखदाई
अवध मे बाज रहीं शहनाई
जगत में बाज रही शहनाई
स्वर्ग से सुंदर अवध हमारी
यहां जन्मे थे राम मनोहारी
कमल पे सजे लला धनुधारी
‘गौरव’ ने श्री छवि निहारी
सारी दुनिया ‘ओम सैन’ कहे
सदी हिंद की आई
अवध मे बाज रहीं शहनाई
जगत में बाज रही शहनाई।
अवध में बाज रही शहनाई
जगत में बाज रही शहनाई
राम लला निज धाम विराजे
श्री राम की जय बोलो भाई।