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स्वागत में श्री राम के दिल अपना बिछाएंगे

स्वागत में श्री राम के दिल अपना बिछाएंगे

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स्वागत में श्री राम के दिल अपना बिछाएंगे लिरिक्स

स्वागत में श्री राम के
दिल अपना बिछाएंगे
हम अवधपुरी को दुल्हन
हम अवधपुरी को दुल्हन
जैसी सजाएंगे
स्वागत मे श्रीराम के
दिल अपना बिछाएंगे।


देख रहे थे जो सपना वो
सपना अब साकार हुआ
जहाँ जन्म था प्रभु राम का
वहीँ मंदिर तैयार हुआ
हम राम नाम का डंका
हम राम नाम का डंका
घर घर बजवाएंगे
स्वागत मे श्रीराम के
दिल अपना बिछाएंगे।

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दशरथ नंदन अवध बिहारी
श्रीराम जब आएँगे
मन की कलियाँ खिल जाएंगी
जब हम दर्शन पाएंगे
हम एक घर में घी के
हम एक घर में घी के
दीपक जलवाएंगे
स्वागत मे श्रीराम के
दिल अपना बिछाएंगे।


ऐसा अजब नज़ारा होगा
देखेगी दुनिया सारी
इन अखियों की प्यास बुझेगी
आएँगे जब धनुधारी
खुशियां कैसी होती है
खुशियां कैसी होती है
सबको दिखलाएंगे
स्वागत मे श्रीराम के
दिल अपना बिछाएंगे।


नहीं ठिकाना रहा ख़ुशी का
ना ही कोई होश है
प्रभु राम की मस्ती में
सारी दुनिया मदहोश है
भारत में ‘राही’ फिर से
भारत में ‘राही’ फिर से
इतिहास बनाएँगे
स्वागत मे श्रीराम के
दिल अपना बिछाएंगे।


स्वागत में श्री राम के
दिल अपना बिछाएंगे
हम अवधपुरी को दुल्हन
हम अवधपुरी को दुल्हन
जैसी सजाएंगे
स्वागत मे श्रीराम के
दिल अपना बिछाएंगे।

प्रश्न 1: भजन में भक्त अवधपुरी को दुल्हन की तरह क्यों सजाना चाहते हैं?

उत्तर: भक्त भगवान श्रीराम के स्वागत को विशेष उत्सव मानते हैं। इसलिए वे अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाकर अपनी खुशी और श्रद्धा व्यक्त करना चाहते हैं।

प्रश्न 2: भजन में किस सपने के साकार होने की बात कही गई है?

उत्तर: इसमें भगवान श्रीराम के जन्मस्थान पर मंदिर बनने और रामलला के दर्शन की वर्षों पुरानी इच्छा पूरी होने की बात कही गई है।

प्रश्न 3: राम नाम का डंका घर-घर बजवाने का क्या भाव है?

उत्तर: इसका भाव है कि भगवान श्रीराम का नाम हर घर में गूँजे और अधिक से अधिक लोग उनकी भक्ति से जुड़ें।

प्रश्न 4: भजन में दशरथ नंदन और अवध बिहारी कहकर किसका वर्णन किया गया है?

उत्तर: इन नामों से भगवान श्रीराम का वर्णन किया गया है। वे राजा दशरथ के पुत्र और अयोध्या के प्रिय भगवान हैं।

प्रश्न 5: भगवान श्रीराम के दर्शन करने पर मन की कलियाँ खिलने का क्या अर्थ है?

उत्तर: इसका अर्थ है कि प्रभु के दर्शन से भक्त के मन में खुशी, शांति और आनंद का अनुभव होता है। उनकी उदासी दूर होकर मन प्रसन्न हो जाता है।

प्रश्न 6: भजन में हर घर में घी के दीपक जलाने की बात क्यों कही गई है?

उत्तर: घी के दीपक जलाकर भगवान श्रीराम का स्वागत करने की भावना व्यक्त की गई है। यह शुभता, भक्ति और उत्सव का प्रतीक है।

प्रश्न 7: भजन में धनुधारी श्रीराम के आने पर दुनिया को क्या दिखाने की बात कही गई है?

उत्तर: भक्त भगवान श्रीराम के आगमन की खुशी और उत्सव का अद्भुत दृश्य पूरी दुनिया को दिखाना चाहते हैं।

प्रश्न 8: इस भजन से भक्तों को कौन-सी प्रेरणा मिलती है?

उत्तर: इस भजन से भगवान श्रीराम के प्रति प्रेम, श्रद्धा, एकता और सकारात्मकता बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है। साथ ही अपने आराध्य का स्वागत पूरे मन से करने का भाव मिलता है।

स्वागत में श्री राम के दिल अपना बिछाएंगे भजन भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की खुशी, प्रेम और भक्तों की श्रद्धा को दर्शाता है। इसमें भक्त अपने आराध्य श्रीराम के स्वागत के लिए पूरे मन से तैयार हैं। वे अवधपुरी को दुल्हन की तरह सजाना चाहते हैं और अपने दिल में प्रभु के लिए प्रेम और सम्मान का भाव रखते हैं।भजन में भगवान श्रीराम के जन्मस्थान पर मंदिर बनने और वर्षों से देखा गया सपना पूरा होने की खुशी व्यक्त की गई है। भक्त चाहते हैं कि राम नाम की गूंज हर घर तक पहुँचे और लोग मिलकर प्रभु के आगमन का उत्सव मनाएँ। यह प्रसंग अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और रामलला के दर्शन से जुड़ी भावनाओं को प्रकट करता है।भजन में दशरथ नंदन और अवध बिहारी श्रीराम के आने पर मन की कलियाँ खिलने की बात कही गई है। भक्तों के लिए प्रभु के दर्शन किसी विशेष आनंद से कम नहीं हैं। वे हर घर में घी के दीपक जलाकर भगवान का स्वागत करना चाहते हैं। दीप जलाना यहाँ शुभता, श्रद्धा और खुशी का प्रतीक है।भजन के अंतिम भाग में भक्तों की खुशी इतनी अधिक बताई गई है कि उन्हें अपने आनंद का ठिकाना नहीं रहता। वे चाहते हैं कि पूरी दुनिया भगवान श्रीराम के आगमन की खुशी देखे और भारत फिर से एक सुंदर इतिहास बनाए। इस भजन का मुख्य संदेश है कि प्रभु के प्रति सच्चा प्रेम, एकता, श्रद्धा और आनंद से जीवन को सुंदर बनाया जा सकता है।

Dinesh Kumawat

Dinesh Kumawat भक्ति एवं धार्मिक सामग्री के लेखक और कंटेंट क्रिएटर हैं। हिंदी भजन, लिरिक्स, आरती, चालीसा और आध्यात्मिक विषयों पर सरल सामग्री तैयार करते हैं। भक्ति सामग्री को व्यवस्थित एवं भावपूर्ण रूप में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान देते हैं।

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