रे मन मूर्ख कब तक जग में जीवन व्यर्थ बिताएगा
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रे मन मूर्ख कब तक जग में
जीवन व्यर्थ बिताएगा
राम नाम नहीं गाएगा तो
अंत समय पछताएगा।
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जिस जग में तू आया यह
एक मुसाफिर खाना है
सिर्फ़ रात भर रुकना इसमें
सुबह सफ़र पर जाना है
लेकिन यह भी याद रहे
श्वासों का पास खजाना है
जिसे लूटने को कामादिक
चोरों ने प्रण ठाना है
माल लुटा बैठा तो घर जा
कर क्या मुँह दिखलाएगा
राम नाम नहीं गाएगा तो
अंत समय पछताएगा।
शुद्ध न की वासना हृदय की
बुद्धि नहीं निर्मल की है
झूठी दुनियादारी से क्या
आशा मोक्ष के फल की है
तुझको क्या है खबर तेरी
ज़िंदगी कितने पल की है
यम के दूत घेर लेंगे तब
तू क्या धर्म कमाएगा
राम नाम नहीं गाएगा तो
अंत समय पछताएगा।
पहुँच गुरु के पास ज्ञान का
दीपक का उजियाला ले
कंठी पहन कंठ जप की
कर सुमिरन की माला ले
खाने को दिलदार रूप का
रसमय मधुर निवाला ले
पीने को प्रीतम प्यारे के
प्रेमतत्व का प्याला ले
यह ना किया तो ‘बिन्दु’
नीर आँखों से बहाएगा
राम नाम नहीं गाएगा तो
अंत समय पछताएगा।
रे मन मूर्ख कब तक जग में
जीवन व्यर्थ बिताएगा
राम नाम नहीं गाएगा तो
अंत समय पछताएगा।
प्रश्न 1: भजन में मनुष्य को जीवन व्यर्थ न बिताने की सलाह क्यों दी गई है?
उत्तर: क्योंकि मनुष्य का जीवन सीमित है। केवल दुनियादारी और मोह में उलझकर समय बिताने से वह अपने आध्यात्मिक उद्देश्य और अच्छे कर्मों से दूर हो सकता है।
प्रश्न 2: संसार को मुसाफिरखाना कहने का क्या अर्थ है?
उत्तर: इसका अर्थ है कि संसार में मनुष्य हमेशा के लिए नहीं आया है। वह कुछ समय यहाँ रहता है और फिर अपनी जीवन यात्रा पूरी करके चला जाता है।
प्रश्न 3: भजन में सांसों को अनमोल खजाना क्यों बताया गया है?
उत्तर: सांसें जीवन का आधार हैं और हर सांस के साथ जीवन का समय कम होता जाता है। इसलिए उनका उपयोग अच्छे कर्म, भक्ति और सही कार्यों में करना चाहिए।
प्रश्न 4: भजन में कामादिक चोर किन्हें कहा गया है?
उत्तर: काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसी बुरी प्रवृत्तियों को कामादिक चोर कहा गया है। ये मनुष्य की शांति और अच्छे विचारों को नुकसान पहुँचाती हैं।
प्रश्न 5: हृदय की वासनाओं को शुद्ध करने की बात क्यों कही गई है?
उत्तर: क्योंकि गलत इच्छाएँ और बुरी आदतें मनुष्य को अपने सही मार्ग से भटका सकती हैं। हृदय को शुद्ध करने से अच्छे विचार, संयम और भक्ति की भावना विकसित होती है।
प्रश्न 6: भजन में गुरु के पास जाने और ज्ञान का दीपक लेने का क्या अर्थ है?
उत्तर: इसका अर्थ है कि मनुष्य को किसी योग्य गुरु से सही मार्गदर्शन और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करना चाहिए। गुरु का ज्ञान जीवन में सही और गलत का अंतर समझने में सहायता करता है।
प्रश्न 7: राम नाम की माला लेकर सुमिरन करने से क्या प्रेरणा मिलती है?
उत्तर: राम नाम का सुमिरन मन को भगवान की भक्ति में लगाता है। इससे श्रद्धा, आत्मचिंतन और आध्यात्मिक शांति की भावना बढ़ती है।
प्रश्न 8: इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: इस भजन का मुख्य संदेश है कि जीवन का समय अनमोल है। मनुष्य को अच्छे कर्म करने चाहिए, बुरी प्रवृत्तियों से दूर रहना चाहिए, गुरु से ज्ञान लेना चाहिए और भगवान श्रीराम का स्मरण करते हुए जीवन बिताना चाहिए।
रे मन मूर्ख कब तक जग में जीवन व्यर्थ बिताएगा भजन मनुष्य को अपने जीवन का सही उद्देश्य समझाने वाला एक भक्तिमय संदेश है। इसमें मन को समझाया गया है कि संसार में केवल धन, मोह और दुनियादारी के पीछे भागते हुए जीवन व्यर्थ नहीं बिताना चाहिए। मनुष्य को भगवान श्रीराम का स्मरण करना चाहिए, क्योंकि जीवन हमेशा रहने वाला नहीं है और एक दिन सभी को इस संसार से जाना है।भजन में संसार को मुसाफिरखाना बताया गया है, जहाँ मनुष्य कुछ समय के लिए ठहरता है और फिर अपनी यात्रा पर आगे बढ़ जाता है। इसमें सांसों को अनमोल खजाना कहा गया है। काम, क्रोध, लोभ और मोह जैसी बुरी प्रवृत्तियाँ मनुष्य की आध्यात्मिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाती हैं। यदि इंसान अपना समय केवल गलत इच्छाओं में बिताता है, तो अंत में उसे अपने किए पर पछतावा हो सकता है।भजन आगे बताता है कि मनुष्य को अपने हृदय की वासनाओं और बुरी आदतों को दूर करके अपनी बुद्धि को निर्मल बनाना चाहिए। केवल झूठी दुनियादारी और स्वार्थ में उलझकर मोक्ष की आशा करना उचित नहीं है। जीवन कितने समय का है, यह किसी को पता नहीं होता। इसलिए अच्छे कर्म करना, धर्म का पालन करना और भगवान का स्मरण करना आवश्यक है।अंतिम भाग में गुरु के पास जाकर ज्ञान प्राप्त करने, राम नाम का जप करने और प्रेम भक्ति अपनाने की प्रेरणा दी गई है। गुरु का ज्ञान मनुष्य के जीवन में दीपक की तरह प्रकाश करता है। भगवान के प्रति प्रेम और सच्ची श्रद्धा मन को शांति देती है। भजन का मुख्य संदेश है कि जीवन रहते भगवान का स्मरण करें, अपने कर्म सुधारें और भक्ति के मार्ग पर चलें, ताकि अंतिम समय में पछतावा न हो।
Song :- रे मन मूरख कब तक जग में जीवन व्यर्थ ....
Singer:- Vyas Ji Maurya
Lyric:- .....
Music:- Vyas Ji Maurya
Music Label:- AAP Midia, Anjan TV
Cover Song Credit:-
Singer:- Vyas Ji Maurya
Mo. 9415354749
Tabla:- Bablu Mishra
Bainjo:- Laxman ji
Paid:- Shekhar ji