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राम के थे राम के है हम राम के रहेंगे

राम के थे राम के है हम राम के रहेंगे

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राम के थे राम के है हम राम के रहेंगे

राम के थे राम के है
हम राम के रहेंगे
पहले कहते थे खुद से
अब दुनिया से कहेंगे
राम के थे राम के हैं
हम राम के रहेंगे


रघुपति राघव राजा राम
पतित पावन सीताराम
सनातन है धर्म हमारा
सनातनी सब सच्चे है
सेवा करना कर्म हमारा
श्री राम के बच्चे है
राम नाम की गंगा में बहेंगे
राम के थे राम के हैं
हम राम के रहेंगे।

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रघुकुल रीत सदा चली आई
प्राण जाए पर वचन न जाए
भगवा रंग पहचान हमारी
सूर्य अग्निसम भगवा धारी
जितनी सूरत जग में देखी
राम लला की सूरत प्यारी
धर्म के मार्ग पे सब दुख सहेंगे
राम के थे राम के हैं
हम राम के रहेंगे।


राम के थे राम के है
हम राम के रहेंगे
पहले कहते थे खुद से
अब दुनिया से कहेंगे
राम के थे राम के हैं
हम राम के रहेंगे।

राम के थे राम के हैं हम राम के रहेंगे भजन के 8 प्रश्न उत्तर

प्रश्न 1. राम के थे राम के हैं हम राम के रहेंगे भजन का मुख्य भाव क्या है?

उत्तर. इस भजन का मुख्य भाव भगवान श्रीराम के प्रति अटूट श्रद्धा, प्रेम और जीवनभर समर्पित रहने का संकल्प है।

प्रश्न 2. रघुपति राघव राजा राम का क्या अर्थ है?

उत्तर. इसका अर्थ भगवान श्रीराम की महिमा का गुणगान करना है। इसमें उन्हें राजा राम और माता सीता के प्रिय प्रभु के रूप में याद किया जाता है।

प्रश्न 3. भगवान श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम क्यों कहा जाता है?

उत्तर. भगवान श्रीराम ने अपने जीवन में सत्य, धर्म, वचन पालन और मर्यादा को महत्व दिया। इसी कारण उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है।

प्रश्न 4. भजन में सेवा को अपना कर्म क्यों बताया गया है?

उत्तर. सेवा करने से दूसरों की सहायता होती है और समाज में प्रेम तथा सद्भाव बढ़ता है। जरूरतमंदों की मदद करना भी सच्ची भक्ति का एक रूप है।

प्रश्न 5. रघुकुल रीत सदा चली आई पंक्ति से क्या सीख मिलती है?

उत्तर. इस पंक्ति से हमें अपने वचन का सम्मान करने, सत्य पर टिके रहने और अपने कर्तव्य को ईमानदारी से निभाने की सीख मिलती है।

प्रश्न 6. भजन में भगवा रंग का क्या महत्व बताया गया है?

उत्तर. भगवा रंग को भक्ति, त्याग, साहस और आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक माना गया है।

प्रश्न 7. रामलला के प्रति भक्तों की भावना कैसी होती है?

उत्तर. भक्तों के मन में रामलला के प्रति प्रेम, श्रद्धा, विश्वास और दर्शन करने की गहरी इच्छा होती है।

प्रश्न 8. राम के थे राम के हैं हम राम के रहेंगे भजन से हमें क्या सीख मिलती है?

उत्तर. इस भजन से हमें भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा बनाए रखने, सत्य का साथ देने, अपने वचन निभाने और दूसरों की सेवा करने की प्रेरणा मिलती है।

राम के थे राम के हैं हम राम के रहेंगे भजन भगवान श्रीराम के प्रति अटूट श्रद्धा, प्रेम और समर्पण को दर्शाता है। इस भजन में भक्त पूरे विश्वास के साथ कहते हैं कि उनका जीवन भगवान श्रीराम को समर्पित है। पहले वे अपने मन में राम के प्रति भक्ति रखते थे, लेकिन अब वे खुले रूप से अपनी आस्था व्यक्त करना चाहते हैं। भजन का मुख्य भाव भगवान श्रीराम के प्रति हमेशा निष्ठावान बने रहना है।भजन में रघुपति राघव राजा राम और पतित पावन सीताराम का गुणगान किया गया है। भगवान श्रीराम को सत्य, धर्म, करुणा और मर्यादा का प्रतीक माना जाता है। उनके आदर्श हमें दूसरों की सेवा करने, जरूरतमंदों की सहायता करने और अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाने की प्रेरणा देते हैं। भजन में सेवा को अपना कर्म बताकर यह समझाया गया है कि सच्ची भक्ति केवल पूजा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अच्छे काम करना भी भक्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

🔵 Title : Ram Ke The Ram Ke Han Ram Ke Rahenge
🔵 Singer : MANOJ TIWARI & AMIT DHULL, SHEETAL PANDEY
🔵 Lyrics & Composer : AMIT DHULL
🔵 Music : RK CREW
🔵 Mix master - D Chandu
🔵 Directed By : JEET GHANGHAS
🔵 Dop - RAMAN JOHN & MOHIT Z
🔵 Edit - BHAGIRATH SHARMA
🔵 Production - MANISH KUMAR
🔵 Artist-Mayank Tuk tuk
🔵 Producer-Deepika Singh
🔵 A Project By- Satish Dhull
Poster design - Sahil Ding
🔵 Promotion : Gulshan Music (8168614500)

Dinesh Kumawat

Dinesh Kumawat भक्ति एवं धार्मिक सामग्री के लेखक और कंटेंट क्रिएटर हैं। हिंदी भजन, लिरिक्स, आरती, चालीसा और आध्यात्मिक विषयों पर सरल सामग्री तैयार करते हैं। भक्ति सामग्री को व्यवस्थित एवं भावपूर्ण रूप में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान देते हैं।

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