होली खेले रघुवीरा अवध में
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होली खेले रघुवीरा अवध में
होली खेले रघुवीरा।
काहे के हाथ कनक पिचकारी
काहे के हाथ अबीरा
अवध में होली खेलें रघुवीरा
होली खेलें रघुवीरा अवध में
होली खेलें रघुवीरा।
राम के हाथ कनक पिचकारी
सिया के हाथ अबीरा
अवध में होली खेलें रघुवीरा
होली खेलें रघुवीरा अवध में
होली खेलें रघुवीरा।
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काहे के हाथ मृदंग झांझर ढफ
काहे के हाथ मंजीरा
अवध में होली खेलें रघुवीरा
होली खेलें रघुवीरा अवध में
होली खेलें रघुवीरा
राम के हाथ मृदंग झांझर ढफ
सिया के हाथ मंजीरा
अवध में होली खेलें रघुवीरा
होली खेलें रघुवीरा अवध में
होली खेलें रघुवीरा।
कौन के भीजे पचरंग पगड़ी
कौन के भीजे चीरा
अवध में होली खेलें रघुवीरा
होली खेलें रघुवीरा अवध में
होली खेलें रघुवीरा।
राम के भीजे पचरंग पगड़ी
सिया के भीजे चीरा
अवध में होली खेलें रघुवीरा
होली खेलें रघुवीरा अवध में
होली खेलें रघुवीरा।
होली खेले रघुवीरा अवध में
होली खेले रघुवीरा।
होली खेले रघुवीरा अवध में भजन के 8 महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर
प्रश्न 1. होली खेले रघुवीरा अवध में भजन में किनका वर्णन किया गया है?
उत्तर. इस भजन में भगवान श्रीराम और माता सीता के अवध में होली खेलने का वर्णन किया गया है।
प्रश्न 2. अवध में होली खेलने वाले रघुवीरा कौन हैं?
उत्तर. रघुवीरा भगवान श्रीराम को कहा गया है, जो अयोध्या के राजा और माता सीता के पति हैं।
प्रश्न 3. भजन के अनुसार भगवान श्रीराम के हाथ में क्या है?
उत्तर. भजन के अनुसार भगवान श्रीराम के हाथ में सोने की पिचकारी है।
प्रश्न 4. माता सीता के हाथ में क्या है?
उत्तर. भजन में माता सीता के हाथ में अबीर बताया गया है, जिससे वे होली खेलती हैं।
प्रश्न 5. भजन में किन वाद्य यंत्रों का उल्लेख किया गया है?
उत्तर. इस भजन में मृदंग, झांझर, ढफ और मंजीरे जैसे वाद्य यंत्रों का उल्लेख किया गया है।
प्रश्न 6. राम जी की पचरंगी पगड़ी भीगने का क्या भाव है?
उत्तर. इसका भाव है कि भगवान श्रीराम भी रंगों के इस उत्सव में आनंदपूर्वक शामिल हैं और उनकी पगड़ी होली के रंगों से सराबोर हो जाती है।
प्रश्न 7. होली के त्योहार का धार्मिक महत्व क्या है?
उत्तर. होली को बुराई पर अच्छाई की जीत, प्रेम, भाईचारे और खुशियों का प्रतीक माना जाता है।
प्रश्न 8. होली खेले रघुवीरा अवध में भजन से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर. इस भजन से हमें प्रेमपूर्वक त्योहार मनाने, आपसी भेदभाव मिटाने और भगवान श्रीराम की भक्ति में आनंद लेने की सीख मिलती है।
होली खेले रघुवीरा अवध में एक प्रसिद्ध भक्ति भजन है, जिसमें भगवान श्रीराम और माता सीता के साथ अवध में होली खेलने का सुंदर वर्णन किया गया है। इस भजन में अयोध्या की होली का आनंद, रंगों की मस्ती और भक्तों की श्रद्धा देखने को मिलती है। भजन के माध्यम से बताया गया है कि भगवान श्रीराम और माता सीता भी प्रेम और उल्लास के साथ होली का उत्सव मनाते हैं।भजन में पूछा जाता है कि भगवान श्रीराम के हाथ में क्या है और माता सीता के हाथ में क्या है। इसका उत्तर दिया गया है कि श्रीराम के हाथ में सोने की पिचकारी है और माता सीता के हाथ में अबीर है। दोनों मिलकर रंगों का त्योहार मनाते हैं। यह दृश्य भक्तों के मन में आनंद और भक्ति का भाव पैदा करता है।
Title -होली खेले रघुवेरा अवध में
Singer - Sanjay Shukla
Lyrics -Sanjay Shukla