दाता नहीं श्री राम के जैसा
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Data Nahi Shri Ram Ke Jaisa Bhajan Lyrics
दाता नहीं श्री राम के जैसा
सेवक नहीं हनुमान के जैसा।
आँख उठाकर देखा जग में
सारा जगत भिखारी
काम क्रोध मद लोह मोह में
लिपटे नर नर नारी
पाप नहीं कोई अभिमान के जैसा
दाता नही श्री राम के जैसा।
पढ़कर देखो रामायण बस
एक ही बात सिखाये
वो नर पार उतर जाए जो
अपना फर्ज निभाए
धर्म नहीं मानव सम्मान के जैसा
दाता नही श्री राम के जैसा।
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सुख चाहो तो सुमिरन करलो
राम प्रभु का प्यारे
‘संजू’ एक दिन जाना होगा
दोनों हाथ पसारे
तप नहीं हरि गुणगान के जैसा
दाता नही श्री राम के जैसा।
दाता नहीं श्री राम के जैसा
सेवक नहीं हनुमान के जैसा।
प्रश्न 1 इस भजन का मुख्य विषय क्या है
उत्तर इस भजन का मुख्य विषय भगवान श्री राम की भक्ति और हनुमान जी की सेवा भावना है।
प्रश्न 2 भजन में श्री राम को सबसे बड़ा दाता क्यों कहा गया है
उत्तर भक्त की भावना के अनुसार श्री राम अपने भक्तों पर कृपा करने वाले और उनकी सहायता करने वाले भगवान हैं, इसलिए उन्हें सबसे बड़ा दाता कहा गया है।
प्रश्न 3 हनुमान जी को सबसे बड़ा सेवक क्यों कहा गया है
उत्तर हनुमान जी ने अपना पूरा जीवन भगवान श्री राम की सेवा और उनके कार्यों में समर्पित किया था। इसलिए उन्हें आदर्श सेवक माना जाता है।
प्रश्न 4 भजन में मनुष्य की किन कमजोरियों का उल्लेख है
उत्तर भजन में काम, क्रोध, मद और मोह जैसी कमजोरियों का उल्लेख किया गया है।
प्रश्न 5 रामायण से क्या सीख लेने की बात कही गई है
उत्तर भजन में रामायण से अपने कर्तव्य को निभाने और सही रास्ते पर चलने की सीख लेने की बात कही गई है।
प्रश्न 6 मानव सम्मान को महत्व क्यों दिया गया है
उत्तर क्योंकि दूसरों का सम्मान करना अच्छे जीवन और अच्छे व्यवहार का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रश्न 7 भजन में राम प्रभु का सुमिरन करने की बात क्यों कही गई है
उत्तर भजन में भगवान श्री राम का स्मरण करने की बात इसलिए कही गई है क्योंकि जीवन स्थायी नहीं है और मनुष्य को अपने जीवन में भगवान को याद करते रहना चाहिए।
प्रश्न 8 इस भजन से हमें क्या सीख मिलती है
उत्तर इस भजन से हमें भगवान की भक्ति करने, अपने कर्तव्य को निभाने, दूसरों का सम्मान करने और अहंकार तथा बुरी भावनाओं से दूर रहने की सीख मिलती है।
दाता नहीं श्री राम के जैसा भजन लिरिक्स में भगवान श्री राम की महानता और हनुमान जी की सेवा भावना को बताता है। भजन में श्री राम को सबसे बड़ा दाता और हनुमान जी को सबसे बड़ा सेवक बताया गया है।भजन में संसार की स्थिति का वर्णन करते हुए कहा गया है कि मनुष्य काम, क्रोध, अहंकार और मोह जैसी भावनाओं में उलझा हुआ है। इन भावनाओं के कारण इंसान अपने जीवन के सही उद्देश्य से दूर हो जाता है।रामायण से मिलने वाली सीख को भी भजन में बताया गया है। इसमें कहा गया है कि जो इंसान अपने कर्तव्य को ईमानदारी से निभाता है और अपने धर्म का पालन करता है, वह जीवन में सही रास्ते पर आगे बढ़ सकता है।भजन मानव सम्मान को भी बहुत महत्व देता है। इसका भाव है कि केवल पूजा करना ही जरूरी नहीं है, बल्कि दूसरों के प्रति सम्मान और अच्छे व्यवहार की भावना भी जीवन में होनी चाहिए।अंत में भगवान श्री राम का स्मरण करने की बात कही गई है। जीवन हमेशा रहने वाला नहीं है, इसलिए मनुष्य को समय रहते भगवान का नाम लेना और उनके गुणों का गुणगान करना चाहिए।पूरा भजन भगवान श्री राम की भक्ति, हनुमान जी की सेवा, कर्तव्य, मानव सम्मान और अच्छे जीवन की सीख देता है।
Song - दाता नहीं है श्री राम के जैसा भगत नहीं है हनुमान के जैसा
Singer - संजू शर्मा
आयोजक - श्रीजी सेवा परिवार ,दिल्ली
Darbar Seva : Shri Shyam Salona Darbar, (9213375935)
Sound : Abhi Sound (9654422544)
Channel Partner: Mittal Studio Production ( 9311442104)
D.O.P - Naveen Sharma (9541618383)
Edit - Nitin Rajput
Video Lebal - Bhajan Simran
Media Partner : Vainet Media Pvt. Ltd
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