भगवान को करने पार भगत की नाव चली
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Bhagwan Ko Karne Paar Bhagat Ki Naav Chali Bhajan Lyrics
देखो रे पहली बार
मेरी जिंदगानी फली
भगवान को करने पार
भगत की नाव चली
जय राम लखन जय जनक लली
जय राम लखन जय जनक लली।
देखो रे मेरे राम की माया
इस विमान को विरत बनाया
एक जनम में सौ जन्मों का
मैंने तो भाई फल पाया
देखो प्रभु का ये उपकार
मेरी दुनिया ही बदली
भगवान को करनें पार
भगत की नाव चली
जय राम लखन जय जनक लली
जय राम लखन जय जनक लली।
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कहां मेरी छोटी सी यह नैया
कहां यह भव सागर के खिवैया
मैं दो हाथों वाला केवट
इनके हाथ हज़ार है भैया
लाखो के तर हर प्रभु
यह बड़े है बलि
भगवान को करनें पार
भगत की नाव चली
जय राम लखन जय जनक लली
जय राम लखन जय जनक लली।
छोडे महल अयोध्या छोड़ी
हम पतितो से प्रीत है जोड़ी
धन्य है इनका प्यार अनोखा
धन्य है यह सिया राम की जोड़ी
यह वन को चले सुकुमार
करम गति नाहीं टली
भगवान को करनें पार
भगत की नाव चली
जय राम लखन जय जनक लली
जय राम लखन जय जनक लली।
देखो रे पहली बार
मेरी जिंदगानी फली
भगवान को करने पार
भगत की नाव चली
जय राम लखन जय जनक लली
जय राम लखन जय जनक लली।
भगवान को करने पार भगत की नाव चली भजन FAQs
प्रश्न 1 भगवान को करने पार भगत की नाव चली भजन का मुख्य भाव क्या है
उत्तर इस भजन में भक्त का भगवान पर भरोसा और उनकी भक्ति के सहारे जीवन की मुश्किलों से पार होने का भाव बताया गया है।
प्रश्न 2 भजन में नाव किसका प्रतीक है
उत्तर भजन में नाव को भक्त के जीवन के रूप में बताया गया है। भक्त भगवान को अपना सहारा मानकर जीवन की परेशानियों से पार होने की उम्मीद रखता है।
प्रश्न 3 भक्त भगवान पर भरोसा क्यों करता है
उत्तर भक्त को विश्वास है कि भगवान उसका साथ देंगे और जीवन की कठिन परिस्थितियों में उसे रास्ता दिखाएंगे। इसी भरोसे के कारण वह भगवान की भक्ति करता है।
प्रश्न 4 भजन में भगवान से क्या उम्मीद की गई है
उत्तर भक्त भगवान से अपनी नाव को पार लगाने की प्रार्थना करता है। वह चाहता है कि प्रभु उसके जीवन की परेशानियों को दूर करके उसे सही रास्ते पर ले जाएं।
प्रश्न 5 इस भजन का मुख्य संदेश क्या है
उत्तर इस भजन में भगवान पर विश्वास रखने, सच्चे मन से उनकी भक्ति करने और कठिन समय में उनका सहारा लेने की बात कही गई है।
भगवान को करने पार भगत की नाव चली भजन में भक्त के मन का भगवान के प्रति विश्वास दिखाई देता है। भक्त अपने जीवन को एक नाव की तरह मानता है और भगवान को उसका सहारा समझता है।जीवन में कई तरह की परेशानियां और मुश्किलें आती रहती हैं। भजन में इन्हीं मुश्किलों को पार करने के लिए भगवान की शरण लेने की भावना बताई गई है। भक्त को भरोसा है कि प्रभु उसका हाथ थामकर उसकी नाव को पार लगा देंगे।भक्त के लिए भगवान का नाम और उनकी भक्ति सबसे बड़ा सहारा है। वह अपने जीवन की चिंता भगवान को सौंपकर आगे बढ़ना चाहता है। उसे विश्वास है कि प्रभु सही समय पर उसकी मदद करेंगे।भजन में नाव और पार होने का भाव जीवन की यात्रा से जुड़ा हुआ है। जिस तरह नाविक नाव को किनारे तक पहुंचाता है, उसी तरह भक्त भगवान को अपना मार्गदर्शक मानता है।इस भजन का मुख्य भाव भगवान के प्रति विश्वास, भक्ति और समर्पण है। भक्त को भरोसा है कि सच्चे मन से भगवान का सहारा लेने पर जीवन की कठिन राह भी आसान हो सकती है।
Song: Bhagwan Ko Karne Paar
Album: Bhajan Marwadi
Singer: Kaluram Bikharniya
Lyrics: Traditional
Music: Jagdish Vaishnav, Madan Punam
Recording: Shubham Studio
Label: Milan Cassettes
Producer: Bhanwar Lal Dadhich
Category: Devotional
Sub Category: Bhajan