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सांवेर की धरती हनुमत साजे चले है इनकी मर्जी

सांवेर की धरती हनुमत साजे चले है इनकी मर्जी

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सांवेर की धरती हनुमत साजे चले है इनकी मर्जी

सांवेर की धरती हनुमत साजे
चले है इनकी मर्जी
सांवेर की धरती।

पाताल में जाकर जब बजरंग
अहिरावन राज मिटाते है
दिल बाग़ बाग़ हो जाता है
जब राम हृदय मुस्काते है
सुन के पतन की आवाजे
सुन के पतन की आवाजे
यु लगे कही विध्वंस जगे
अरे राम लखन संग आते ही
सेना के मन संग हर्ष जगे
साँवेर की धरती हनुमत साजे
चले है इनकी मर्जी
सांवेर की धरती।


बजरंग बाबा की यह प्रतिमा
यहाँ उल्टा दर्शन देती है
ग़म कोसो दूर हो जाता है
कष्ट और पीड़ा हर लेती है
सुन जयसियाराम के नारों से
सुन जयसियाराम के नारों से
नगर गगन पूरा जगे
सांवेर नगर की यह भूमि
इंदौर उज्जैन के मध्य बसे
साँवेर की धरती हनुमत साजे
चले है इनकी मर्जी
सांवेर की धरती।


सांवेर की धरती हनुमत साजे
चले है इनकी मर्जी
सांवेर की धरती।

Dinesh Kumawat

Dinesh Kumawat भक्ति एवं धार्मिक सामग्री के लेखक और कंटेंट क्रिएटर हैं। हिंदी भजन, लिरिक्स, आरती, चालीसा और आध्यात्मिक विषयों पर सरल सामग्री तैयार करते हैं। भक्ति सामग्री को व्यवस्थित एवं भावपूर्ण रूप में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान देते हैं।

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