रघुवर रघुवर तुमको मेरी लाज
👉 PDF डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें 👇
📥 PDF Download करेंरघुवर रघुवर तुमको मेरी लाज
रघुवर रघुवर तुमको मेरी लाज
दोहा – राम नाम अवलंब बिनु
परमारथ की आस
बरसत वारिद बूंद गहि
चाहत चढ़न आकास
रघुवर रघुवर तुमको मेरी लाज
रघुवर रघुवर तुमकों मेरी लाज
सदा सदा मैं शरण तिहारी
तुम ही गरीब निवाज।
Also Read : जिनके राम बने रखवारे
अघखंडन दुःखभंजन जन के
यही तिहारो काज
हो तो पतित पुरातन कहिए
हो तो पतित पुरातन कहिए
पार उतारो जहाज
रघुवर रघुवर तुमकों मेरी लाज।
पतित उदारण ह्रदय विहारी
श्रवणन सुनी आवाज
तुलसी दास पर कृपा कीजिए
तुलसी दास पर कृपा कीजिए
भक्ति दान देहूँ आज
रघुवर रघुवर तुमकों मेरी लाज।
रघुवर रघुवर तुमकों मेरी लाज
सदा सदा मैं शरण तिहारी
तुम ही गरीब निवाज।
रघुवर रघुवर तुमको मेरी लाज भजन के 8 प्रश्न उत्तर
प्रश्न 1. रघुवर रघुवर तुमको मेरी लाज भजन किस भगवान को समर्पित है?
उत्तर. यह भजन भगवान श्रीराम को समर्पित है। इसमें भक्त उनसे अपनी रक्षा करने और जीवन में सही मार्ग दिखाने की प्रार्थना करता है।
प्रश्न 2. भजन में तुमको मेरी लाज का क्या अर्थ है?
उत्तर. इसका अर्थ है कि भक्त अपनी प्रतिष्ठा, सुरक्षा और जीवन की जिम्मेदारी भगवान श्रीराम को सौंपकर उनसे सहायता की प्रार्थना करता है।
प्रश्न 3. भगवान श्रीराम को गरीब निवाज क्यों कहा गया है?
उत्तर. गरीब निवाज का अर्थ है गरीबों और जरूरतमंदों पर कृपा करने वाला। भक्त भगवान श्रीराम को दुखियों का सहारा मानता है।
प्रश्न 4. दोहे में राम नाम को अवलंब क्यों बताया गया है?
उत्तर. अवलंब का अर्थ सहारा होता है। दोहे में राम नाम को जीवन में आध्यात्मिक उन्नति और कल्याण का प्रमुख सहारा बताया गया है।
प्रश्न 5. अघखंडन और दुःखभंजन का क्या अर्थ है?
उत्तर. अघखंडन का अर्थ पापों का नाश करने वाला और दुःखभंजन का अर्थ दुखों को दूर करने वाला है। ये भगवान श्रीराम के गुणों का वर्णन करते हैं।
प्रश्न 6. संसार रूपी जहाज को पार उतारने की प्रार्थना का क्या भाव है?
उत्तर. इसका भाव है कि भक्त भगवान से जीवन की कठिनाइयों, मोह और दुखों से निकलने तथा सही मार्ग पर आगे बढ़ने की सहायता मांगता है।
प्रश्न 7. भजन में तुलसीदास जी का उल्लेख क्यों किया गया है?
उत्तर. तुलसीदास जी भगवान श्रीराम के महान भक्त और रामचरितमानस के रचयिता थे। उनका उल्लेख भक्ति और प्रभु की कृपा पाने की भावना को प्रकट करता है।
प्रश्न 8. रघुवर रघुवर तुमको मेरी लाज भजन से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर. इस भजन से हमें विनम्रता रखने, अपनी गलतियों को स्वीकार करने, भगवान पर विश्वास बनाए रखने और सच्चे मन से भक्ति करने की सीख मिलती है।
रघुवर रघुवर तुमको मेरी लाज भगवान श्रीराम के प्रति पूर्ण समर्पण और विश्वास को प्रकट करने वाला भजन है। इस भजन में भक्त भगवान श्रीराम से प्रार्थना करता है कि प्रभु उसकी लाज रखें और उसे जीवन की कठिनाइयों से पार लगाएं। भक्त मानता है कि भगवान ही उसके सबसे बड़े सहारे हैं और उनकी शरण में आने से उसे सही रास्ता मिल सकता है।भजन के दोहे में बताया गया है कि राम नाम के सहारे के बिना परम कल्याण की आशा करना ऐसा है, जैसे बादल से गिरने वाली पानी की बूंद आकाश में ऊपर चढ़ने की इच्छा करे। इसका भाव यह है कि जीवन में अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए सही सहारा और मार्गदर्शन जरूरी है। भक्त के लिए भगवान श्रीराम का नाम ही सबसे बड़ा सहारा है।
Raghuvar Raghuvar · Anuradha Paudwal