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कभी तो अपनी कुटिया में भी राम आएंगे

कभी तो अपनी कुटिया में भी राम आएंगे

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कभी तो अपनी कुटिया में भी राम आएंगे

कुछ बेर चुनो नेकी के
अपने काम आएंगे
कभी तो अपनी कुटिया में भी
राम आएंगे।


है कर्म हमारे अच्छे
तो किस्मत अपनी दासी
बस कर्म सुधारे अपना
ये समझे बात जरा सी
जो बोए पेड़ बबूल
कहां से आम आएंगे
कभी तों अपनी कुटियां में भी
राम आएंगे।

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तीरथ स्नान किए बस
है तन का मैल छुड़ाया
मन मैला अंत समय में
फिर काहे को पछताया
हम जैसा कर्म करें
वैसे परिणाम आएंगे
कभी तों अपनी कुटियां में भी
राम आएंगे।

ये धर्म कर्म दो पहिए
जीवन की गाड़ी चलाओ
ये राजनीति सब छोड़ो
बस राम नीति अपनाओ
भक्तों के लिए ये खुशियां
सुबहो शाम लाएंगे
कभी तों अपनी कुटियां में भी
राम आएंगे।


कर त्याग भरत सा प्यारे
शबरी सा धीरज धरले
पढ़ राम चरित मानस को
हनुमत सी भक्ति करले
ये मंत्र प्रभु भक्ति के
‘रोमी’ काम आएंगे
कभी तों अपनी कुटियां में भी
राम आएंगे।


कुछ बेर चुनो नेकी के
अपने काम आएंगे
कभी तो अपनी कुटिया में भी
राम आएंगे।

प्रश्न 1. कुछ बेर चुनो नेकी के भजन का मुख्य संदेश क्या है?

उत्तर. इस भजन का मुख्य संदेश है कि हमें जीवन में अच्छे कर्म करने चाहिए और सच्चे मन से भगवान की भक्ति करनी चाहिए।

प्रश्न 2. भजन में बेर चुनने की बात क्यों कही गई है?

उत्तर. बेर चुनने का अर्थ नेकी और अच्छे कर्म करना है। जैसे शबरी ने प्रेम से भगवान श्रीराम को बेर अर्पित किए थे, वैसे ही हमें भी अच्छे काम करने चाहिए।

प्रश्न 3. भजन में कर्मों को किस्मत से क्यों जोड़ा गया है?

उत्तर. हमारे कर्म हमारे जीवन के परिणामों को प्रभावित करते हैं। अच्छे कर्म हमें सही रास्ते पर आगे बढ़ने में मदद करते हैं।

प्रश्न 4. केवल तीर्थ स्नान करना ही क्यों पर्याप्त नहीं माना गया है?

उत्तर. तीर्थ स्नान से शरीर की सफाई होती है, लेकिन मन की शुद्धता अच्छे विचारों, सच्चाई और अच्छे कर्मों से आती है।

प्रश्न 5. भजन में शबरी के धैर्य से क्या सीख मिलती है?

उत्तर. शबरी के धैर्य से हमें सीख मिलती है कि भगवान पर विश्वास रखना चाहिए और धैर्य के साथ अपनी भक्ति करते रहना चाहिए।

प्रश्न 6. भजन में भरत जी के त्याग का उदाहरण क्यों दिया गया है?

उत्तर. भरत जी का जीवन त्याग, प्रेम और भाई के प्रति समर्पण का उदाहरण है। उनसे हमें स्वार्थ छोड़कर अपने कर्तव्य निभाने की प्रेरणा मिलती है।

प्रश्न 7. राम नीति अपनाने का क्या अर्थ है?

उत्तर. राम नीति अपनाने का अर्थ है सत्य, धर्म, मर्यादा, सेवा और ईमानदारी के रास्ते पर चलना।

प्रश्न 8. कुछ बेर चुनो नेकी के भजन से हमें अपने जीवन में क्या सीखना चाहिए?

उत्तर. हमें दूसरों की मदद करनी चाहिए, मन में अच्छे विचार रखने चाहिए, अपने कर्म सुधारने चाहिए और भगवान श्रीराम पर विश्वास बनाए रखना चाहिए।

कभी तो अपनी कुटिया में भी राम आएंगे भजन लिरिक्स कुछ बेर चुनो नेकी के अपने काम आएंगे भजन भगवान श्रीराम की भक्ति, अच्छे कर्म और सच्चे मन से जीवन जीने का संदेश देता है। इस भजन में बताया गया है कि इंसान को अपने जीवन में हमेशा अच्छे कर्म करने चाहिए, क्योंकि हमारे कर्म ही हमारे भविष्य को बनाते हैं। जैसे शबरी ने प्रेम और श्रद्धा से भगवान श्रीराम को बेर खिलाए थे, वैसे ही हमें भी अपने जीवन में नेकी और भलाई के काम करने चाहिए।

► Album - Ram Aayenge
► Song - Ram Aayenge
► Singer - Sardar Romi Ji
► Music - Baljeet Singh Chahal
► Lyrics - Sardar Romi Ji
➤ Label - Vianet Media
➤ Sub Label - Saawariya
➤ Parent Label (Publisher) - Shubham Audio Video Private Limited

Dinesh Kumawat

Dinesh Kumawat भक्ति एवं धार्मिक सामग्री के लेखक और कंटेंट क्रिएटर हैं। हिंदी भजन, लिरिक्स, आरती, चालीसा और आध्यात्मिक विषयों पर सरल सामग्री तैयार करते हैं। भक्ति सामग्री को व्यवस्थित एवं भावपूर्ण रूप में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान देते हैं।

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