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अवध में धूम मची है भारी मेरे घर राम आए है

अवध में धूम मची है भारी मेरे घर राम आए है

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अवध में धूम मची है भारी मेरे घर राम आए है

अवध में धूम मची है भारी
मेरे घर राम आए है
राम आए है मेरे भगवान आए है
अवध मे भारत में दुनिया में
धुम मची है भारी
मेरे घर राम आए है।


आज सजेगी दुल्हन जैसी
नगरी अयोध्या की
रघुकुल रोशन करने रघुवर
राम आए है
अवध मे धुम मची है भारी
मेरे घर राम आए है।

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जश्न मनेगा भारत वर्ष में
जीत सनातन का
लल्ला राम बनेंगे राजा
राम राज्य आएगा
अवध मे धुम मची है भारी
मेरे घर राम आए है।


राम बिराजेंगे महलों में
ले के सिया को साथ
ले के सिया को साथ
साथ में लखन वीर हनुमान
अवध मे धुम मची है भारी
मेरे घर राम आए है।


चारों दिशा में यश गूंजेगा
मेरे प्रभु का आज
जय जय अवधपुरी के राजा
रामचंद्र की जय
सियापति रामचंद्र की जय
अवध मे धुम मची है भारी
मेरे घर राम आए है।


अवध में धूम मची है भारी
मेरे घर राम आए है
राम आए है मेरे भगवान आए है
अवध मे भारत में दुनिया में
धुम मची है भारी
मेरे घर राम आए है।

प्रश्न 1. अवध में धूम मची है भारी भजन में किसके आगमन की खुशी मनाई गई है?

उत्तर. इस भजन में भगवान श्रीराम के आगमन और अयोध्या में उनके विराजमान होने की खुशी मनाई गई है।

प्रश्न 2. भजन में अयोध्या नगरी को दुल्हन की तरह सजाने का क्या भाव है?

उत्तर. इसका भाव है कि भगवान श्रीराम के स्वागत के लिए पूरी अयोध्या को सुंदर तरीके से सजाया गया है और चारों ओर उत्सव का माहौल है।

प्रश्न 3. भगवान श्रीराम को रघुकुल का गौरव क्यों कहा गया है?

उत्तर. भगवान श्रीराम ने सत्य, धर्म, त्याग और मर्यादा का पालन करके अपने कुल का नाम रोशन किया, इसलिए उन्हें रघुकुल का गौरव कहा जाता है।

प्रश्न 4. राम राज्य का क्या अर्थ है?

उत्तर. राम राज्य का अर्थ एक ऐसे आदर्श समाज से है, जहां न्याय, शांति, समानता और लोगों के कल्याण को महत्व दिया जाता है।

प्रश्न 5. भजन में माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी का उल्लेख क्यों किया गया है?

उत्तर. इनका उल्लेख राम दरबार की सुंदरता और भगवान श्रीराम के परिवार तथा भक्तों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए किया गया है।

प्रश्न 6. सियापति रामचंद्र की जय का क्या अर्थ है?

उत्तर. इसका अर्थ है माता सीता के पति भगवान श्रीराम की जय हो। यह उनके प्रति प्रेम और भक्ति व्यक्त करने का तरीका है।

प्रश्न 7. भक्त भगवान श्रीराम के आगमन को अपने घर आने जैसा क्यों मानते हैं?

उत्तर. भक्त भगवान श्रीराम को अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं। उनके प्रति प्रेम और अपनापन होने के कारण उन्हें प्रभु का आगमन अपने घर आने जैसा लगता है।

प्रश्न 8. अवध में धूम मची है भारी भजन से हमें क्या सीख मिलती है?

उत्तर. इस भजन से हमें भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलने, दूसरों की सेवा करने और अपने जीवन में सत्य, दया, न्याय तथा प्रेम को महत्व देने की सीख मिलती है।

अवध में धूम मची है भारी मेरे घर राम आए हैं भजन भगवान श्रीराम के आगमन की खुशी और भक्तों के प्रेम को दर्शाता है। इस भजन में अयोध्या नगरी में उत्सव का माहौल बताया गया है। भक्तों के मन में इतनी प्रसन्नता है कि उन्हें लगता है जैसे स्वयं भगवान श्रीराम उनके घर पधारे हों। यह भावना भगवान के प्रति गहरी श्रद्धा और अपनापन प्रकट करती है।भजन में अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाने का वर्णन है। भगवान श्रीराम के आगमन से पूरी नगरी में मंगल गीत और जयकारे गूंज रहे हैं। श्रीराम को रघुकुल का गौरव बताया गया है, क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में सत्य, धर्म, त्याग और मर्यादा का पालन किया। भक्त उनके आगमन को अपने जीवन का बहुत शुभ अवसर मानते हैं।इस भजन में राम राज्य आने की कामना भी व्यक्त की गई है। राम राज्य का अर्थ ऐसे आदर्श समाज से है, जहां न्याय हो, लोगों के साथ समान व्यवहार हो और सभी सुख तथा शांति से जीवन बिताएं। भजन में माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी का उल्लेख करके राम दरबार की सुंदर छवि प्रस्तुत की गई है।भजन के अंत में जय जय अवधपुरी के राजा और सियापति रामचंद्र की जय के जयकारे लगाए जाते हैं। ये जयकारे भक्तों की आस्था और आनंद को प्रकट करते हैं। इस भजन का मुख्य संदेश है कि भगवान श्रीराम का स्वागत प्रेम से करें और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं। सच्चा राम राज्य तभी संभव है, जब समाज में सत्य, सेवा, दया और न्याय का सम्मान हो।

Credits :
Song: Mere Ram Aaye Hain
Singer/ Lyrics : Chavi Priya
Music: GRD Studio
Produced : Sudarshan Group
Dress & Makeup : Mamta Laxkar
Keyboard Music : Raju Rajasthani
Special Thanks : Krishna Gurjar Kailash & Jitendra Vaishnav

Dinesh Kumawat

Dinesh Kumawat भक्ति एवं धार्मिक सामग्री के लेखक और कंटेंट क्रिएटर हैं। हिंदी भजन, लिरिक्स, आरती, चालीसा और आध्यात्मिक विषयों पर सरल सामग्री तैयार करते हैं। भक्ति सामग्री को व्यवस्थित एवं भावपूर्ण रूप में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान देते हैं।

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